नोएडा में विद्युत कनेक्शन प्रकरण को लेकर विवाद, कार्यपालक अभियंता पर लगे गंभीर आरोप
नोएडा। सेक्टर-132 स्थित औद्योगिक इकाई समय हैंडफैब द्वारा नए विद्युत कनेक्शन के लिए किए गए आवेदन को लेकर विद्युत विभाग में विवाद खड़ा हो गया है। संबंधित प्रकरण में विभाग के एक कार्यपालक अभियंता पर उपभोक्ता को कथित रूप से प्रताड़ित करने तथा अनियमितता बरतने के आरोप लगाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 दिसंबर 2025 को समय हैंडफैब, बी-38A, सेक्टर-132, नोएडा की ओर से निवेष मित्र पोर्टल के माध्यम से नए बिजली कनेक्शन हेतु आवेदन किया गया था। इसके उपरांत 30 जनवरी 2026 को कार्यपालक अभियंता कार्यालय, सेक्टर-108 से टीएफआर (टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट) एवं लागत का अनुमान प्रस्तुत किया गया।
बताया जा रहा है कि जारी किया गया अनुमान लगभग 4 करोड़ रुपये से अधिक का है। आरोप है कि प्रस्तावित विद्युत लाइन सेक्टर-135 स्थित उपकेंद्र से स्वतंत्र फीडर के माध्यम से देने का प्रस्ताव रखा गया, जबकि सेक्टर-132 का उपकेंद्र संबंधित परिसर के निकट ही स्थित है। उपभोक्ता पक्ष का कहना है कि निकटवर्ती उपकेंद्र के बजाय दूरस्थ सेक्टर-135 से स्वतंत्र फीडर प्रस्तावित करना अनावश्यक एवं अत्यधिक खर्चीला है।
उपभोक्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि यह कदम उन्हें आर्थिक रूप से दबाव में लाने और कथित रूप से ‘लायजनिंग’ अथवा अवैध भुगतान न करने के कारण प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उठाया गया। हालांकि विभाग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
इस मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक जयवीर सिंह ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अध्यक्ष आशीष कुमार गोयल को शिकायत भेजी है तथा पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट मुख्य अभियंता, नोएडा से तलब करने की मांग की है।
विधायक ने पारदर्शिता एवं निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। यदि आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो यह मामला विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है


