प्रेरणा जनसंचार शोध संस्थान, नोएडा द्वारा सम्मान समारोह

प्रेरणा जनसंचार शोध संस्थान, नोएडा द्वारा सम्मान समारोह

नोएडा सेक्टर 62 स्थित प्रेरणा इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एण्ड रिसर्च के द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर ब्रिटेन के ख्याति प्राप्त मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के शैक्षिक मनोवैज्ञानिक प्रो. एमरिट्स गजेंद्र किशोर वर्मा सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन और अतिथि सम्मान के साथ हुआ।

इस दौरान प्रो. हरेन्द्र सिंह ने शॉल देकर प्रो.गजेन्द्र किशोर वर्मा को सम्मानित किया। लोगों को सम्बोधित करते हुए गजेन्द्र किशोर वर्मा ने कहा कि अमृतकाल सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण काल है। शिक्षण शिक्षक की तपस्या है। इसी ध्येय के साथ हमें काम करना चाहिए। दुर्भाग्य से भारत में ऐसा नहीं होता है सभी पैसै के लिए काम करते हैं जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हमें स्कूलों और छात्रों के फीडबैक के आधार पर शिक्षा और शिक्षण का मूल्यांकन लगातार करते रहना चाहिए।

ब्रिटेन की शिक्षा प्रणाली पर उन्होंने कहा कि वहां की शिक्षा में क्वालिटी तो है लेकिन समाज में समानता और विभिन्नता का हमेशा अभाव रहा है। जबकि भारतीय समाज में समानता और विभिन्नता हमेशा रहा है और इसी के साथ भारत आगे बढ़ा है।

इस दौरान उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत में जिस तरीके से निजी संस्थान खुल रहे हैं वह चिंताजनक है क्योंकि इसकी क्वांटिटी पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने बताया कि एक विषय के दो शिक्षक हैं तो उनके छात्र अलग अलग क्यों हो जाते हैं क्योंकि उनके विश्लेषण का आधार अलग-अलग होता है। परीक्षा व्यवस्था की बात करते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा ज्ञान का पैमाना नहीं है। परीक्षा में मेमोरी, स्किल और अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए।

इस अवसर पर प्रेरणा जनसंचार शोध संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष अरूण सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में विनम्रता से ही ज्ञान की प्राप्ति होती है।