स्वास्थ्य शिविर में बडी संख्या में ऐसे मरीज आये जो खांसी की समस्या से पीड़ित - राजीव अजमानी

स्वास्थ्य शिविर में बडी संख्या में ऐसे मरीज आये जो खांसी की समस्या से पीड़ित - राजीव अजमानी

लाइफ स्टाइल ही नहीं, ट्रैफिक जाम और इसके दौरान होने वाला तनाव और प्रदूषण, मधुमेह और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों को न्योता दे रहा
 
नोएडा। सेक्टर 55 स्थित कम्युनिटी सेंटर में नोएडा डायबिटीक फोरम एवं यश कृष्णा मेमोरेबल चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया जिसमें शहर के लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। 

नोएडा डायबिटीज फॉर्म के संस्थापक डॉ जी सी वैष्णव ने बताया कि हाइटेक सिटी नोएडा में ट्रैफिक जाम और इसके दौरान होने वाला तलाव मधुमेह और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों को न्योता दे रहा है वही इससे होने वाले प्रदूषण के कारण गले को प्रभावित कर रहा है जिसके कारण जो खांसी पहले 4 से 5 दिन में ठीक हो जाती थी वो अब 3 हफ्ते से 4 हफ्ते ले रही है, कई मामलों में 6 हफ्ते तक का भी समय ले रही है।

कृष्णा मेमोरेबल चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक राजीव अजमानी ने बताया कि शिविर में बडी संख्या में ऐसे मरीज आये जो खांसी की समस्या से पीड़ित थे, जिनका पूरा परीक्षण किया गया और जरूरी सुझाव दिए गए। इस शिविर में डॉक्टरों ने 275 लोगों की ई.सी.जी., ब्लड ग्लूकोज, लंग्सा टेस्ट्, ऑख-कान-गला,यूरिक एसिड, अल्ट्रािसाउंड, बॉडी मास इंडेक्स, इको की जांच की गई।

प्रदूषण का प्रभाव लोगों स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है, नाक, कान, गला के वरिष्ठ डॉ एसपी जैन बताते है कि कैम्प में बडी संख्या में ऐसे मरीज आये जो खांसी की समस्या से पीड़ित थे. यह खांसी 99% तक सूखी खांसी है और 1% बलगम वाली खांसी है यह तो सूखी खांसी है फेफड़ों पर असर नहीं कर रही है फेफड़ों से ऊपर जो है श्वास नली है उसके अंदर जो पोलूशन बैठ रहा है इसमें उसकी वजह से उसे रोगी को बार-बार धसका का उठता है इचिंग होती है उसके बाद उसके बाद सांस फूलने लगता है यह जैसे ही रोगी बेड पर लेटता है उसकी खांसी बढ़ जाती है ऐसे मामलों में एंटी एलर्जी टैबलेट न्यू एलाइजर और भाप का इस्तेमाल करने से इस पर कंट्रोल पाया जा सकता है।

नोएडा डायबिटिक फोरम के अध्यक्ष डॉ. जीसी वैष्णव ने बताया कि पहले टाइप-टू डायबिटीज 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों को होती थी। लेकिन, अब 15 साल से कम उम्र के बच्चों में भी पाया जा रहा है। डॉक्टर वैष्णव ने कहा कि प्रदूषण का प्रभाव भी डायबिटीज रोग पर दिखाई देने लगा है।

उन्होंने कहा कि नोएडा डायबिटिक फोरम अपनी स्थापना के बाद से लगातार प्रत्येक माह के तीसरे रविवार को लगाये जाने निशुल्क जांच शिविर न सिर्फ लोगो उन्हे स्वापस्थकय के प्रति सचेत कर रहा है उन्हें बेहतर लाइफ जीने के लिए जागरूक कर रहा है।

फोरम के महासचिव पंकज जिंदल ने बताया कि लोगों की जांच शहर के प्रमुख अस्पतालो के 20 से ज्यादा डॉक्टरों ने की।

इस अवसर पर फोरम के चेयरमैन प्रताप मेहता, शिविर इंचार्ज संतोष और संजय शर्मा, अशोक अजमानी, संजीव अजमानी, रजत अजमानी सेक्टर-55, आरडब्लूए के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, महासचिव श्रीकाँत बंसल, एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हान, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता, महासचिव गणेश जाटव, महासचिव उमेश व अन्य संस्थाओं से आए हुए बहुत से पदाधिकारी और शहर गणमान्य लोग  शिविर में शामिल हुए।