थाईलैंड में भारत का तिरंगा लहराया, अश्विन कुमार पांडेय एवं शिवानी पांडेय ने जीते स्वर्ण पदक

थाईलैंड में भारत का तिरंगा लहराया, अश्विन कुमार पांडेय एवं शिवानी पांडेय ने जीते स्वर्ण पदक

नई दिल्ली/गौतम बुद्ध नगर। भारत के युवा एवं प्रतिभाशाली ताइक्वांडो खिलाड़ियों अश्विन कुमार पांडेय एवं शिवानी पांडेय ने थाईलैंड के पटाया में आयोजित 9वीं हीरोज इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।

यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक पटाया, थाईलैंड में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अश्विन कुमार पांडेय एवं शिवानी पांडेय ने श्रीलंका, नेपाल, थाईलैंड, चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया, वियतनाम सहित कई देशों के खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करते हुए अपने उत्कृष्ट खेल कौशल, तकनीक, अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास का परिचय दिया।

दोनों खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि से भारत, WWSL इंडिया तथा समस्त ताइक्वांडो परिवार में हर्ष एवं गर्व का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ियों द्वारा स्वर्ण पदक जीतना देश के लिए गौरव का विषय है।

अश्विन कुमार पांडेय — स्वर्ण पदक - 54kg 
शिवानी पांडेय — स्वर्ण पदक - 53kg

दोनों खिलाड़ियों के भारत लौटने पर उनके सम्मान एवं स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर सामाजिक एवं संगठनात्मक क्षेत्र से जुड़े कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इस अवसर पर भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ, जिला गौतम बुद्ध नगर के जिला अध्यक्ष दुर्गेश रुद्र सिंह, दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार, ललित शर्मा एवं विपुल यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे और दोनों स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर खिलाड़ियों के पिता शशिकांत पांडेय, राष्ट्रीय अध्यक्ष — युवा शक्ति सेना, को भी सभी ने बधाई दी और बच्चों की इस उपलब्धि को उनके परिवार, प्रशिक्षकों एवं देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
पदक विजेता खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों एवं सहयोगियों को देते हुए भविष्य में भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प व्यक्त किया।

भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ की ओर से दोनों खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा गया कि देश के युवा जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाते हैं, तो यह पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण होता है