संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) एवं उ. भारत के 18 संगठनों द्वारा साझा महापंचायत का हुआ आयोजन
बरनाला की अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) एवम उत्तर भारत के 18 संगठनों द्वारा साझा महापंचायत का आयोजन किया गया जिसमें लाखों किसानों ने भाग लिया और किसानों से 13 फरवरी को "दिल्ली चलो" का आह्वान किया गया।
किसान आंदोलन की मुख्य मांगें
स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के अनुसार किसानों की MSP पर खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए।
देश के किसान-मजदूरों का सम्पूर्ण कर्ज़ माफ किया जाए।
2015 में मॉडल एक्ट के माध्यम से 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में जो बदलाव किए गए हैं वो बदलाव वापस लिए जाएं और नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत हो रही किसानों की जमीन की लूट बन्द करी जाए।
लखीमपुर खीरी नरसंहार के दोषी गृह-राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी और उसके बेटे को गिरफ्तार किया जाए और घायल किसानों को मुआवज़ा दिया जाए।
भारत सरकार मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाए और भारत सरकार WTO से बाहर आये।
किसान आंदोलन की बची हुई मांगें पूरी की जायें और बिजली संशोधन बिल वापस लिया जाए।
आगामी 10 जनवरी को खेती-किसानी के मुद्दों पर बुद्धिजीवी वर्ग के साथ चंडीगढ़ में बैठक आयोजित करी जाएगी, आगामी 20 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) एवम उत्तर भारत के 18 संगठनों की साझा बैठक एवम 21 जनवरी को साझी प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली में आयोजित करी जाएगी। 26 जनवरी को देशभर के सभी गाँवों, ब्लॉकों एवम जिलों में शहीद किसानों की स्मृति में कैंडल मार्च आयोजित किये जाएंगे।


