व्यर्थ बहते पेयजल की रोकथाम के लिए आरडब्ल्यूए 105 ने महा प्रबंधक जल विभाग से की विशेष अपील
नोएडा सेक्टर-105 में जल संरक्षण की अनूठी पहल: व्यर्थ बहते पेयजल की रोकथाम के लिए आरडब्ल्यूए ने महाप्रबंधक (जल विभाग) से की विशेष अपील
जल ही जीवन है और इसकी एक-एक बूंद को सहेजना हम सभी का परम सामाजिक एवं नैतिक कर्तव्य है। इसी दूरदर्शी भावना के साथ सेक्टर-105 (नोएडा) की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी से हो रहे ओवरफ्लो तथा बहुमूल्य पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए एक अत्यंत सराहनीय और प्रभावी कदम उठाया है।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जल एवं सीवर विभाग) श्रीमान आर. पी. सिंह साहब को पत्र प्रेषित कर इस जनहित समस्या के स्थायी एवं तकनीक-आधारित समाधान हेतु विनम्रतापूर्वक ध्यान आकर्षित किया है। पत्र के माध्यम से आरडब्ल्यूए ने बेहद आदरसूचक और सकारात्मक भाव से निवेदन किया है कि जलापूर्ति के समय पानी की टंकी पर आधुनिक 'ऑटोमैटिक फ्लोट वाल्व' लगवाया जाए, ताकि टंकी भरते ही ओवरफ्लो स्वतः रुक सके। इसके साथ ही, ओवरफ्लो पाइपलाइन को 'रेनवाटर हार्वेस्टिंग पिट' से जोड़ने का सुझाव भी दिया गया है, जिससे यदि जलापूर्ति के दौरान थोड़ा-बहुत जल निकलता भी है, तो वह नालियों में व्यर्थ बहने के बजाय सीधे भूजल स्तर को रिचार्ज करने के काम आ सके।
इस पुनीत कार्य में विभागीय तत्परता और कर्मचारियों की उचित मॉनिटरिंग को अत्यंत आवश्यक बताते हुए आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा:-
"जल संरक्षण केवल किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे समाज का एक साझा संकल्प है। नोएडा प्राधिकरण सदैव शहर के विकास और जन-सुविधाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि महाप्रबंधक श्रीमान आर. पी. सिंह साहब के कुशल एवं संवेदनशील नेतृत्व में जल विभाग इस समस्या का त्वरित, आधुनिक और स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा, जो पूरे नोएडा शहर के लिए जल संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण बनेगा।"
इसके साथ ही आरडब्ल्यूए ने संपूर्ण शहरवासियों से भी भावुक अपील की है कि वे अपने दैनिक जीवन में पानी की एक-एक बूंद की कीमत समझें और जल की बर्बादी को रोककर एक जागरूक एवं ज़िम्मेदार नागरिक का परिचय दें।


