राखी पहलवान का आमरण अनशन 22 अगस्त 2025 से शुरू, महिलाओं के लिए उठाई न्याय की आवाज
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राखी पहलवान का आमरण अनशन 22 अगस्त 2025 से शुरू, महिलाओं के लिए उठाई न्याय की आवाज
गाजियाबाद : महिला पहलवान राखी ने अपने और लाखों महिलाओं के लिए न्याय की मांग को लेकर आज से गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना और आमरण अनशन शुरू किया है। राखी ने अपने ससुराल वालों पर बिना किसी कारण के उन्हें घर से निकालने और उनके सम्मान व मेहनत का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस और प्रशासन ने उनकी मदद करने के बजाय उन्हें और उनके बुजुर्ग माता-पिता को धमकियां दी हैं।
राखी का कहना है कि यह लड़ाई केवल उनकी नहीं, बल्कि उन तमाम महिलाओं की है जो अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए एक बयान जारी किया है, जिसमें निम्नलिखित मांगें शामिल हैं:
राखी पहलवान की मांगें:
न्याय की मांग: राखी ने अपने ससुराल वालों पर बिना किसी कारण के उन्हें घर से निकालने का आरोप लगाया है। वे मांग करती हैं कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत उनके मामले की तुरंत और निष्पक्ष सुनवाई हो और दोषियों को सजा दी जाए। साथ ही, यह स्पष्ट किया जाए कि उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया।
पुलिस की जवाबदेही: राखी का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें और उनके परिवार को धमकाया है। वे मांग करती हैं कि यह जांच हो कि किसके आदेश पर उन्हें धमकियां दी गईं। इसके अलावा, पुलिस को पीड़ित महिलाओं के साथ सहानुभूति और सम्मान के साथ व्यवहार करने का निर्देश दिया जाए।
महिलाओं के लिए सुरक्षा और सम्मान: राखी ने कहा कि हर महिला को अपने घर, समाज और देश में सुरक्षित और सम्मानित जीवन जीने का अधिकार है। सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय को रोका जाए और उनके अधिकारों की रक्षा हो।
तेज और सुलभ न्याय प्रक्रिया: राखी ने मांग की है कि महिलाओं से संबंधित मामलों में अदालतों में तेजी से सुनवाई हो और न्याय सुलभ हो। साथ ही, संविधान या कानून की उन धाराओं को हटाया जाए जो महिलाओं को कमजोर करती हैं।
महिला सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम: सरकार को महिला सशक्तिकरण के लिए और अधिक योजनाएं लागू करनी चाहिए। साथ ही, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन योजनाओं का लाभ वास्तव में महिलाओं तक पहुंच रहा है, ताकि वे आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्र हो सकें।
परामर्श केंद्रों में भ्रष्टाचार की जांच: राखी ने पारिवारिक विवादों के लिए बने परामर्श केंद्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच की मांग की है।
अनशन का ऐलान और समाज से अपील
राखी पहलवान ने घोषणा की है कि जब तक उन्हें और उनके जैसी अन्य महिलाओं को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, वे अनिश्चितकालीन धरना और आमरण अनशन जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, "यह अनशन मेरे लिए नहीं, बल्कि उन तमाम बहन-बेटियों के लिए है जो अपने हक के लिए लड़ रही हैं।" उन्होंने समाज से अपील की है कि वे उनके साथ खड़े हों और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
राखी ने कहा, "हमारी ताकत हमारी एकता में है। मेरे साथ खड़े हों, ताकि हम एक ऐसा समाज बना सकें जहां हर महिला को सम्मान, सुरक्षा और समानता मिले।"
राखी ने बताया कि उनकी शादी 9 जुलाई 2024 को गाजियाबाद के अवंतिका कॉलोनी निवासी भुवनेश कुमार से हुई थी। शुरू में सब ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल वालों का व्यवहार बदल गया। उनके पति, जो मुंबई में नौकरी करते हैं, ने उन्हें धोखा देकर विदेश चले गए और उनके नंबर ब्लॉक कर दिए। ससुर, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा हैं, ने भी उनके साथ बुरा व्यवहार किया। राखी का कहना है कि ससुराल वालों ने उन्हें तलाक के लिए दबाव बनाया, लेकिन वे तलाक नहीं चाहतीं, बल्कि अपने ससुराल में सम्मान के साथ स्वीकार किया जाना चाहती हैं।
राखी के इस आंदोलन को कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर उनके धरने और अनशन को देखते हुए स्थानीय लोग और संगठन उनके समर्थन में जुट रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी उनकी मांगों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अब तक प्रशासन और पुलिस की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। राखी ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अपने अनशन को और तेज करेंगी।
यह अनशन न केवल राखी की निजी लड़ाई को दर्शाता है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय और उनकी आवाज को दबाने की कोशिशों पर भी सवाल उठाता है। गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक बड़े सामाजिक बदलाव की मांग बन चुका है।


