समर्पण -2022 में नवरत्न श्रीमती सोनिया कोहली सामाजिक सहयोग विशेष पुरस्कार 2022 एवं नकद 11,000 रूपये से सम्मानित हुए रत्नेश कुमार

समर्पण -2022 में नवरत्न श्रीमती सोनिया कोहली सामाजिक सहयोग विशेष पुरस्कार 2022 एवं नकद 11,000 रूपये से सम्मानित हुए रत्नेश कुमार

नोएडा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विकास के लिए प्रयासरत बेसिक उत्थान एवं ग्रामीण सेवा संस्थान बाराबंकी के अध्यक्ष श्री रत्नेश कुमार ने अपने अनुकरणीय कार्यो व प्रेरणादायी प्रयासों से एक मिसाल पेश की है।
रत्नेश कुमार का बचपन बहुत ही विषम परिस्थितियों में गुजरा। जन्म के बाद माता पिता की मृत्यु व 5 वर्ष की अवस्था मे मजदूर पिता का गम्भीर बीमारी से ग्रसित हो जाना बेहद पीड़ादायी था। रत्नेश बाल्यकाल में ही ईट भट्ठे की मजदूरी में लग गए थे। किशोरावस्था में पिता जी का निधन हो गया। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने फुटपाथों तक रात गुजारी लेकिन पढ़ाई के जुनून ने उन्हें उच्च शिक्षित बनाया। आज उनका एक बेटा मेडिकल कॉलेज में उच्चकोटि का डॉक्टर है और बेटी शिक्षक। उन्होंने गरीबी, लाचारी बहुत नजदीकी से देखा है इसलिए जरूरतमंदों की सेवा भावनात्मक भी है। परिवार में बच्चों व बुजुर्गों की खुशहाली से ही स्वस्थ्य समाज की परिकल्पना साकार होती है विचार से ये हाशिये पर पहुंच चुके परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा, आश्रय, परामर्श, पुनर्वास प्रदान करवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वंचित लोगो को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और शिक्षा व आजीविका के अवसर  उपलब्ध कराने तथा परिवार सुरक्षा आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सार्थक प्रयास कर रहे हैं। उनकी शिक्षा के लिए 2005 से चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल संचालित किया गया, जिसमे प्रतिवर्ष 150 बच्चों को निःशुल्क उत्कृष्ट शिक्षा के साथ साथ निशुल्क शिक्षण सामग्री, यूनिफॉर्म आदि दी जाती है। स्कूल सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इन्होंने बाल सुरक्षा व आपातकालीन सहायता के लिए 14 सदस्यीय चाइल्ड लाइन 1098 का संचालन भी करवाया। चाइल्ड लाइन के सफल प्रयासों से विषम परिस्थितियों में पाए गए अब तक 4492 बच्चों की आपातकालीन त्वरित सहायता प्रदान की गई। चाइल्ड लाइन के माध्यम से 316 बच्चों को श्रम से मुक्त करवाया गया। 750 बच्चों को शिक्षा सहायता पहुंचाई गई, 26 बच्चों का बाल विवाह रुकवाया, 2500 से ज्यादा बच्चों को मेडिकल इमोशनल सपोर्ट के साथ भिक्षावृत्ति से मुक्ति कराने व अन्य बाल सुरक्षा, सहायता पहुंचाने का कार्य समाज के सामने नजीर बना।
इन्होंने 2017 में फूड बैंक का संचालन कर 100 से अधिक वंचित परिवारों को राशन किट जरूरत के कपड़े देकर सहायता की। मिशन आरोग्य के तहत आयुष आधारित स्वास्थ्य स्वालम्बन का अभिनव प्रयास कर 752 परिवारों में सेहत के बगीचों का निर्माण करवाया। स्वास्थ्य जागरूकता, दिनचर्या, ऋतुचर्या की जागरूकता से लोगो को जागृत किया। नई रोशनी के तहत 475 से अधिक अल्पसंख्यक परिवारों को सरकारी योजनाओं की पूर्ण जानकारी के प्रति जागृत कर आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया। बृद्धजन भरण पोषण एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन कर निरंतर 2007 से लगभग 150 बुजुर्गों व उनके परिवारों के बीच हर वर्ष सामंजस्य स्थापित करवाया जाता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगभग 200 महिलाओं को खादी ग्रामोद्योग विभाग से कौशल प्रशिक्षण करवाकर उनके सपनों में उड़ान भरी ।श्री रत्नेश की संस्था ने कोरोना महामारी के दौर में क्षुधा तृप्ति सेवा करते हुए लगभग 960 परिवारों को राशन किट के साथ लगभग 5000 लोगो को संक्रमण से सुरक्षा सामग्री व आवश्यक दवाएं उपलब्ध करवाई।
सामाजिक विकास के लिए निःस्वार्थ भाव से प्रयासरत बेसिक उत्थान एवं ग्रामीण सेवा संस्थान के अनुकरणीय कार्यो के लिए हम संस्था अध्यक्ष श्री रत्नेश कुमार को नवरत्न एवार्ड 2022 से सम्मानित कर खुशी की अनुभूति कर रहे हैं।