16 जुलाई को धूमधाम से निकलेगी 17वी श्री जगन्नाथ रथ यात्रा
नोएडा में गूंजेगा जय श्री जगन्नाथ, रथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर
नोएडा! राजधानी दिल्ली एनसीआर के सेक्टर 121 नोएडा मे स्थित श्री रत्न क्षेत्र भगवान जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक रथ यात्रा महोत्सव की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। इस वर्ष रथ यात्रा का 17वॉ भव्य सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब पचास हज़ार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
श्री जगन्नाथ समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में दिल्ली एवं एनसीआर एवं ओडिया तथा गैर-ओडिया के गणमान्य नागरिक शामिल होकर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दर्शन पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। समिति के अध्यक्ष प्रमोद बहल ने बताया कि रथ यात्रा के सफल एवं सुचारु आयोजन के लिए व्यापक और आधुनिक व्यवस्था की गई हैं।
मंदिर परिसर का आकर्षक रंग-रोगन कर उसे भव्य एवं नवीन स्वरूप प्रदान किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को उत्सव का दिव्य वातावरण मिल सके। उन्होंने बताया कि उत्सव की शुरुआत 29 जून को देव स्त्राने पूर्णिमा के साथ होगी। इसके बाद 14 जुलाई को नेत्रोत्सव एवं नवयौवन दर्शन, 16 जुलाई को रथ यात्रा दोपहर 3:30 श्री जगन्नाथ मंदिर सेक्टर 121 से प्रारंभ होकर बाबा बालक नाथ मंदिर सेक्टर 71 पहुंचेगी। 24 जुलाई को बहुदा यात्रा, 25 जुलाई को सुना वेश तथा 27 जुलाई को नीलाद्रि बीजे का आयोजन वैदिक परंपराओं एवं धार्मिक विधि-विधान के अनुसार किया जाएगा।
प्रमोद बहल ने बताया कि भगवान के रथ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 18 फीट ऊचे एवं 6 पहियों वाले रथ का निर्माण अंतिम चरण में है। रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा, शांति एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए श्री जगन्नाथ समिति की पूरी कार्यकारिणी के साथ लगभग 500 स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
ग्रेट पोस्ट न्यूज़ और आरम्भ टीवी रथ यात्रा के कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण प्रस्तुत करेंगे। इस वर्ष दीपक सिंघल मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे तथा भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक 'छेरा पहरा' की रस्म अदा करेंगे। इस वर्ष के रथ यात्रा महोत्सव का विशेष आकर्षण रथ यात्रा महोत्सव' के अंतर्गत आयोजित होने वाला सांस्कृतिक समारोह होगा। मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं से रथ यात्रा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। आयोजन समिति का कहना है कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का यह महापर्व हर वर्ष की तरह इस बार भी पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।


