एक सौ सातवां छ: दिवसीय कृष्ण जन्मोत्सव संगीत समारोह का शुभारंभ
नोएडा।PNI News। राग और ताल के समागम के साथ आरा के प्राचीन आयोजन का शुभारंभ हुआ। बक्शी कुलदीप नारायण सिंहा कल्चरल सोसाइटी के तत्वाधान में आयोजित एक सौ सातवां छ: दिवसीय कृष्ण जन्मोत्सव संगीत समारोह में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुति से समारोह को गुलजार कर रहें हैं। संयोजिका आदित्या श्रीवास्तव ने कहा कि इस कार्यक्रम में छः रातो तक शास्त्रीय संगीत की रसधार प्रवाहित होगी।

प्रत्येक संध्या का उद्घाघटन छोटे छोटे बच्चे कृष्ण और राधा के श्रृंगार का रूप धारण कर करेंगे। कार्यक्रम के प्रथम निशा का उद्घाटन नर्तक रविशंकर व डॉली देवी के सुपुत्र ऋषभ ने बाल कृष्ण के श्रृंगार में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वहीं अंबे शरण ने राग जोग, ठुमरी व झूलागान प्रस्तुत कर समां बांधा। इसके बाद आचार्य चन्दन कुमार ठाकुर व उनके शिष्यों के श्री कृष्ण कांत मानस व गौरव भारद्वाज ने ताल कचहरी में विभिन्न घरानों का कायदा व प्रस्तार प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके कथक गुरु अमित कुमार ने धमार ताल में कृष्ण वंदना "हे श्याम घनश्याम बंशी के बजैया" व रूपक ताल में पारंपरिक कथक प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।

निमेश राज ने उपशास्त्रीय गायन, स्मृति कुमारी व मीनाक्षी पांडेय ने मनोहारी कथक नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। तबले पर सुरज कांत पांडेय व हारमोनियम पर अभय तूफ़ानी ने संगत से रंग भरा। अध्यक्षता करते हुए श्री अरूण सहाय ने कहा कि श्री कृष्ण बंशी वादन के साथ साथ नृत्य में भी प्रवीण थे। सामवेद में पूर्णतः संगीत का ही वर्णन है। कृष्ण ने कहा कि वेदों में सामवेद मैं स्वयं हूं। मंच संचालन उमेश पांडेय व धन्यवाद ज्ञापन बक्शी विकास ने किया।


