आयकर विभाग ने की नोएडा सहित कई शहरों में जांच, डेटा को डिलीट या मैनिपुलेट कर वास्तविक टर्नओवर कम दिखा रहे थे प्रतिष्ठान

आयकर विभाग ने की नोएडा सहित कई शहरों में जांच, डेटा को डिलीट या मैनिपुलेट कर वास्तविक टर्नओवर कम दिखा रहे थे प्रतिष्ठान

नोएडा। आयकर विभाग द्वारा कर अनुपालन को सुदृढ़ करने तथा कर चोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से रेस्टोरेंट एवं फूड सर्विस सेक्टर में ऑल इंडिया स्तर पर सर्च एवं सर्वे कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जोखिम विश्लेषण के आधार पर की गई।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कुछ रेस्टोरेंट संचालक POS और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में दर्ज बिक्री के डेटा को डिलीट या मैनिपुलेट कर वास्तविक टर्नओवर कम दिखा रहे थे, जिससे कर देयता कम हो सके।

आयकर महानिदेशक (जांच), लखनऊ के मार्गदर्शन में नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ में कई प्रतिष्ठानों पर सर्वे की कार्रवाई की गई, जिसमें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और सॉफ्टवेयर लॉग्स प्राप्त हुए हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ करदाताओं ने डेटा डिलीशन, बैकएंड सॉफ्टवेयर मैनिपुलेशन और मल्टीपल डेटाबेस जैसे तरीकों से वास्तविक बिक्री छुपाई। प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों का फॉरेंसिक विश्लेषण जारी है।

आयकर विभाग ने कहा है कि आधुनिक तकनीक और एआई आधारित विश्लेषण के माध्यम से कर चोरी के ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, करदाताओं को स्वेच्छा से अपनी सही आय घोषित कर बकाया कर जमा करने का अवसर भी दिया गया है, जिससे वे दंडात्मक कार्रवाई और अभियोजन से बच सकते हैं।