एमिटी विश्वविद्यालय में अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर त्रिदिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ

एमिटी विश्वविद्यालय में अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर त्रिदिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ

अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा ‘‘अधिकार, समानता और सशक्तीकरण - सभी महिलाओं और बालिकाओं के लिए’’ विषय पर त्रिदिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली विधानसभा के सभापति श्री विजेंद्र गुप्ता, पूर्व लोकसभा सांसद श्रीमती लॉकेट चैटर्जी, एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, फोर्टिस अस्पताल गुडगांव की न्यूक्लियर मेडिसिन की वरिष्ठ निदेशक डा इशिता बी सेन, प्रिया वॉरिक फिनिशिंग एकेडमी की चेयरपरसन सुश्री प्रिया वॉरिक, एमिटी विश्वविद्यालय के अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस की चेयरपरसन डा शेफाली रायजादा द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के अंर्तगत 10 से 12 मार्च तक विभिन्न परिचर्चा सत्रों एंव अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए दिल्ली विधानसभा के सभापति श्री विजेंद्र गुप्ता कहा हमारे समाज में देश व संस्कृती में महिलाओं को विशेष स्थान प्रदान किया गया है और देवी के स्वरूप में उनकी पूजा होती है। महिलाओ का सम्मान ही हमारी संस्कृती का घोतक है। हिंदू संस्कृती में पर्दा प्रथा नही होता था और महिलाओ और पुरूषों को समान अधिकार प्राप्त थे। यह कार्यक्रम महिलाओं के अवसरों की उपलब्धियों को मनाने का अवसर है। अगर देश को सशक्त और विकसित बनाना है महिलाओ की भूमिका राष्ट्र निर्माण में सुनिश्चित करनी होगी। आज लगभग हर क्षेत्र चाहे शासन हो प्रसाशन, भारतीय सेना हो अंतरिक्ष, चिकित्सा हो या खेल, रक्षा या ड्रोन सभी में शक्ती बनकर उभरी है। श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु कई योजनाओ जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढओ, उज्जवता योजना, महिलाओं को आरक्षण प्रदान करके समान अवसर देने का माहौल बनाया गया है। उन्होनें कहा कि महिला सशक्तीकरण एक दिन का विषय नही है बल्कि यह निरंतर प्रयास की मांग करता है।

पूर्व लोकसभा सांसद श्रीमती लॉकेट चैटर्जी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में रानी लक्ष्मीबाई, अमृता प्रीतम ने समय समय पर स्वंय के सशक्तीकरण को दर्शाया है और वर्तमान में इसरों की महिला ंअतरिक्ष वैज्ञानिकों ने चंद्रयान के मिशन को सफल बना कर अपनी दक्षता साबित की है। भारत मे मिले समान अवसरों ने महिलाओं के नेतृत्व के गुण, चुनौतियों से निपटने और निणय लेने की क्षमता को दिखाया है। 2014 के उपरंात सरकार द्वारा की गई पहल जैसे बेटी बचाओ व बेटी पढ़ाओ ने कन्या की शिक्षा, उज्जवला योजना ने स्वास्थय, सुकन्या समृद्धि योजना, व्यापार प्रारंभ करने के लिए ऋण योजना आदि ने सशक्त बनाया। उन्होनें छात्रो से कहा कि आज विश्व को आपके दृष्टिकोण की आवश्यकता है और देश का भविष्य आपके हाथों में है।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी परिवार महिलाओं के बगैर पूर्ण नही होता। महिलाये ना केवल जननी है बल्कि वे परिवार का संचालन और आने वाली पीढ़ी में नैतिक मूल्यों के पोषण की जिम्मेदार भी उन्ही पर है। आज महिलाये लगभग सभी क्षेत्रों में पुरूषों के साथ मिलकर कार्य कर रही है। हमने दिखा दिया है कि अगर समान अवसर प्राप्त हो तो हम भी किसी से पीछे नही है। एमिटी में लगभग 40 प्रतिशत से अधिक महिला शिक्षिका व कर्मचारी कार्यरत है। आज महिलाये प्रधानमंत्री के विकसित भारत के मिशन को पूर्ण करने में अपने योगदान को सुनिश्चित कर रही है।

इस अवसर पर फोर्टिस अस्पताल गुडगांव की न्यूक्लियर मेडिसिन की वरिष्ठ निदेशक डा इशिता बी सेन, प्रिया वॉरिक फिनिशिंग एकेडमी की चेयरपरसन सुश्री प्रिया वॉरिक ने अपने विचार रखे। अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस की अध्यक्ष डा शेफाली रायजादा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और सह अध्यक्ष डा अल्पना गोयल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

महिलाओं व बालिकाओं के लिए निशुल्क स्वास्थय जांच शिविर का आयोजन

अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में गर्ल अप गौरवी (लड़कियों और महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु कार्य करने वाली संस्था) द्वारा नोएडा के प्राइम केयर क्लियरमेडी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के सहयोग से एमिटी विश्वविद्यालय में महिलाओं और बालिकाओं के लिए निशुल्क स्वास्थय जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर निशुल्क स्वास्थय जांच शिविर में लगभग 170 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने अपने स्वतचाप, ब्लड शुगर, बीएमआई आदि की जांच कराकर निशुल्क परामर्श प्राप्त किया।

इस अवसर पर महिला चिकित्सकों द्वारा स्वास्थय चर्चा सत्र का आयोजन भी किया गया जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ डा मनीषा सक्सेना, मनोवैज्ञानिक डा आस्था रैना, फिजियोथिरेपिस्ट डा सुदीक्षा दत्ता, दंत चिकित्सक डा शेफाली अग्रवाल और खान पान विशेषज्ञ डा आस्था चौधरी आदि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए रोगो से बचाव के बारे में बताया।

ृविदित हो कि गर्ल अप गौरवी की स्थापना संयुक्त राष्ट्र फाउंडेशन (यूएन) द्वारा 2010 में किशोर लड़कियों पर ध्यान केंद्रित करने वाली यूएन एजेंसियों की सहायता करने की पहल के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य एक लड़की होने के गौरव और सम्मान को प्रदर्शित करना और वकालत, नेतृत्व, शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से अन्य लड़कियों और महिलाओं को उनकी यात्रा में सहायता करना है।