'श्रमिकों को सिर्फ रोजगार नहीं, सम्मानजनक घर भी चाहिए' पंकज सिंह उठाएंगे विधानसभा में मुद्दा

'श्रमिकों को सिर्फ रोजगार नहीं, सम्मानजनक घर भी चाहिए' पंकज सिंह उठाएंगे विधानसभा में मुद्दा

नोवरा अध्यक्ष डॉ. रंजन तोमर ने विधायक पंकज सिंह को सौंपी इंडस्ट्रियल वर्कफोर्स हाउसिंग पर रिपोर्ट

नोएडा। नोएडा विलेज रेजिडेंट्स एसोसिएशन (नोवरा) के अध्यक्ष डॉ. रंजन तोमर ने नोएडा विधायक श्री पंकज सिंह को इंडस्ट्रियल टाउनशिप में कार्यरत श्रमिकों, कामगारों तथा गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने संबंधी विस्तृत रिसर्च रिपोर्ट एवं नीति-पत्र सौंपा।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि उत्तर प्रदेश में भविष्य में विकसित होने वाली जेवर सहित नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप और शहरों में श्रमिक आवास के लिए पहले से पृथक भूमि/प्लॉट आरक्षित किए जाएं और उनके कार्यस्थल के आसपास सुरक्षित, किफायती एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाए।

डॉ. रंजन तोमर ने कहा कि नोएडा के अनुभव से सीख लेते हुए भविष्य के शहरों में ऐसी स्थिति नहीं बनने दी जानी चाहिए, जहां उद्योग तो स्थापित हो जाएं लेकिन उनमें काम करने वाले श्रमिकों के आवास की समुचित व्यवस्था न हो। इससे ग्रामीण क्षेत्रों पर अनावश्यक दबाव, अनियोजित बस्तियों, यातायात और प्रदूषण की समस्या बढ़ती है।

श्रमिकों को कार्यस्थल के आसपास आवास उपलब्ध कराने से:

- आने-जाने का समय और यात्रा खर्च कम होगा।
- उद्योगों को स्थायी एवं उपलब्ध श्रमशक्ति मिलेगी और उत्पादकता बढ़ेगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों पर अनावश्यक जनसंख्या एवं आवासीय दबाव घटेगा।
- अनियोजित बस्तियों और स्लम के विस्तार पर रोक लगेगी।
- यातायात, ईंधन की खपत और प्रदूषण में कमी आएगी।
- श्रमिकों के जीवन-स्तर और सम्मान में वृद्धि होगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पंकज सिंह ने दिखाई रुचि

डॉ. रंजन तोमर के अनुसार पंकज सिंह ने स्वयं इस विषय में रुचि दिखाते हुए कानूनी एवं नीतिगत पहलुओं सहित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा था। रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस विषय को उत्तर प्रदेश विधानसभा में उठाएंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री जी के समक्ष भी रखेंगे, ताकि श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सम्मानजनक आवास की ठोस नीति बन सके।

श्री पंकज सिंह ने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ श्रमिकों तक भी पहुंचना चाहिए। जिस श्रमिक के परिश्रम से उद्योग और शहर चलते हैं, उसके लिए सम्मानजनक आवास सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। मैं इस विषय को विधानसभा में उठाऊंगा।

डॉ. रंजन तोमर ने कहा कि जिस श्रमिक के पसीने से शहर खड़ा होता है, उसे उसी शहर में सम्मान से रहने का अधिकार भी मिलना चाहिए। भविष्य के शहरों में श्रमिक आवास को मास्टर प्लान का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए।

नोएडा के अनुभव से सीखना जरूरी

नोवरा अध्यक्ष डॉ. रंजन तोमर ने कहा कि नोएडा के औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों के लिए पर्याप्त और नियोजित आवास की व्यवस्था समय रहते नहीं हो सकी, जिसके कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और शहर के विभिन्न हिस्सों पर आवासीय दबाव बढ़ा तथा कई स्थानों पर अनियोजित बस्तियां विकसित हुईं।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की नीतिगत कमियों और संबंधित प्राधिकरणों की प्लानिंग से सीख लेते हुए भविष्य में जेवर सहित नए औद्योगिक शहरों में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकनी होगी।

नई नीति के तहत उद्योगों की स्थापना के साथ ही वहां काम करने वाले श्रमिकों की संख्या का आकलन कर उनके लिए पृथक आवासीय क्षेत्र, प्लॉट अथवा किफायती आवास की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए।

श्रमिक औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं

नोवरा के महासचिव पुनीत राणा ने कहा कि श्रमिक हमारे औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं। उन्हें कार्यस्थल के नजदीक सम्मानजनक आवास देना न केवल उनका अधिकार है, बल्कि बेहतर और व्यवस्थित शहरों के निर्माण की भी आवश्यकता है।

नोवरा ने मांग की है कि जेवर सहित उत्तर प्रदेश में विकसित होने वाले सभी नए औद्योगिक शहरों और इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए Industrial Workforce Housing की स्पष्ट नीति बनाई जाए।

डॉ. रंजन तोमर ने कहा कि नए शहर ऐसे होने चाहिए जहां उद्योगों के साथ उन उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी सम्मान की छत सुनिश्चित हो। नोएडा के अनुभव से सीखकर भविष्य के शहरों के लिए अभी से बेहतर नीति बनाना जरूरी है।

नोवरा ने उम्मीद जताई कि विधायक पंकज सिंह की पहल से यह विषय विधानसभा में व्यापक चर्चा का हिस्सा बनेगा और उत्तर प्रदेश में ऐसा मॉडल विकसित होगा जिसमें उद्योग, रोजगार, पर्यावरण, ग्रामीण विकास और श्रमिकों का सम्मान—सभी साथ आगे बढ़ें।