आयुष उत्सव 2025 का समापन: भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के उत्थान की नई दिशा

आयुष उत्सव 2025 का समापन: भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के उत्थान की नई दिशा

नोएडा – नोएडा हाट, सेक्टर-33 में आयोजित तीन दिवसीय ‘आयुष उत्सव 2025’ आज अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा। इस भव्य आयोजन ने आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उत्सव इंटीग्रेटेड आयुष काउंसिल के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, चिकित्सकों और विद्वानों ने भाग लिया।

इस आयोजन के दौरान, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी चिकित्सकों ने अपने ज्ञान और अनुभव साझा किए। विशेष रूप से, इस आयोजन में प्रख्यात मनोवैज्ञानिक उमेश शर्मा, 'मिलेट मैन ऑफ इंडिया' डॉ. खादरवाली, फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, मोटिवेशनल स्पीकर और भाजपा नेता दीपक ठाकुर, इंटीग्रेटेड आयुष काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव विपिन कुमार, डॉ. रवि गौर, डॉ. अरुण कुमार अग्रवाल, देशराज जी, डॉ. राखी मेहरा और डॉ. अखलेश शर्मा सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। ग्लोबल पीस एम्बेसडर प्रेम रावत का विशेष वीडियो संदेश भी प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों की महत्ता, मानसिक स्वास्थ्य, प्राकृतिक आहार और योग की भूमिका पर अपने विचार साझा किए और इसे आधुनिक जीवनशैली में अपनाने पर जोर दिया।
 
साथ ही, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े विभिन्न स्टॉल्स पर आगंतुकों ने स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त किया और आयुष उत्पादों के लाभों को समझा।

इस महोत्सव में योग और ध्यान सत्रों ने प्रतिभागियों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म और हर्बल चिकित्सा पर विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर एक ऐतिहासिक घोषणा भी की गई— इंटीग्रेटेड आयुष काउंसिल ने डॉ. खादरवाली जी को अपना इंटरनेशनल ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया। यह घोषणा नवरात्रि के शुभ अवसर पर की गई, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा को संजोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. खादरवाली को यह सम्मान उनके आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।

आयुष उत्सव 2025 ने स्वास्थ्य और जीवनशैली में आयुष पद्धतियों की भूमिका को पुनर्स्थापित करने में अपनी सार्थकता सिद्ध की है। यह आयोजन भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति बढ़ते विश्वास और वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।