मिथिला महोत्सव में बाबा नागार्जुन जीवन व साहित्य और समाज में उनके योगदान की चर्चा हुई

मिथिला महोत्सव में बाबा नागार्जुन जीवन व साहित्य और समाज में उनके योगदान की चर्चा हुई

दिल्ली। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ( NSD ) के सम्मुख सभागार में मिथिला महोत्सव 8 का आयोजन हुआ।जिसमें बाबा नागार्जुन की जीवनी और उनके साहित्य एक व्यापक परिचर्चा आयोजित की गई. मैथिल पत्रकार ग्रुप,राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और मैथिली-भोजपुरी अकादमी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्यकारों, पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं ने बाबा नागार्जुन की साहित्यिक धरोहर और समाज में उनके योगदान पर अपने विचार साझा किए।इस कार्यक्रम में बाबा नागार्जुन की लिखी हुई कविताओं का पाठ किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी प्रकाश झा ने भी बाबा नागार्जुन की कविताओं को अपनी विशेष प्रस्तुति से जीवित किया। परिचर्चा में भाग लेते हुए वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्रनाथ, सुजीत ठाकुर, सुभाष चंद्र ,रहमतुल्लाह और रौशन झा ने बाबा नागार्जुन की जीवनी पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने बाबा नागार्जुन की साहित्यिक और समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण और लेखन के विविध पहलुओं पर विचार साझा किया।इस मौके पर  साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त महेंद्र मलांगिया और मैथिली भोजपुरी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष नीरज पाठक को भी सम्मानित किया गया तथा रौशन झा द्वारा लिखित और प्रकाश झा द्वारा निर्देशित बाबा नागार्जुन की जीवनी  पर आधारित नाटक का शानदार मंचन हुआ।

मैथिल पत्रकार ग्रुप के अध्यक्ष संतोष ठाकुर ने सभी गण्यमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मिथिला और मैथिली को बढ़ावा देने के लिए पत्रकारों का यह ग्रुप हमेशा तैयार रहता है और साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है।जिससे समाज में जागरूकता बढ़ सके।