सुखमय रिश्तों का निर्माण: खुद बनें घर के पावरहाउस - बीके शिवानी
नोएडा: प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और मोटिवेशनल स्पीकर बीके शिवानी ने आज नोएडा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हजारों लोगों को सुखमय रिश्ते बनाने का सूत्र दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "रिश्तों को सुधारना है तो घर की 'पावरहाउस' खुद बन जाओ।"
कार्यक्रम में बीके शिवानी ने आज के समय की सबसे बड़ी समस्या - मन के प्रदूषण पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "आजकल हर तरफ नेगेटिविटी फैली हुई है। सोशल मीडिया और न्यूज़ में इतनी बुरी खबरें आती हैं कि हमारा मन भावनात्मक रूप से प्रदूषित हो जाता है। क्या आप ऐसे गंदे मन से अपने रिश्तों को खुशी दे सकते हैं?" उन्होंने मन की सफाई के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हमें सबसे पहले यह देखना होगा कि हम कौन सी जानकारी अपने मन में जाने दे रहे हैं। "नेगेटिव इन्फॉर्मेशन से बचना जरूरी है। हमें खुद पर ध्यान देना होगा, न कि दूसरों को बदलने पर। जब आप खुद खुश रहेंगे, तो आपके आस-पास के लोग अपने आप चार्ज हो जाएंगे।"

बीके शिवानी ने रिश्तों को सुधारने का एक सरल चार-स्टेप फॉर्मूला भी दिया। उन्होंने बताया कि रिश्ते सिर्फ किरदारों के बीच नहीं, बल्कि आत्माओं के बीच होते हैं। किसी भी बिगड़े रिश्ते को ठीक करने के लिए:
पहले - मन में कहें "मैं माफ़ी मांगता हूँ" दूसरे - "मैं आपको समझता हूँ" तीसरे - "मैं आपको स्वीकार करता हूँ, जैसे आप हैं" चौथे - "मैं इस रिश्ते को ठीक करता हूँ"
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बदलते समय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाला समय आसान नहीं है। "इन मुश्किल हालातों का सामना करने के लिए, हमें रोज़ खुद को समय देना होगा और मेडिटेशन करना होगा। किसी को ब्लेम करना बंद करें। हमें भावनात्मक रूप से आत्मनिर्भर बनना होगा।" उन्होंने श्रोताओं को प्रेरित करते हुए कहा, "आपको आग लगाने वाला या तमाशा देखने वाला नहीं, बल्कि आग बुझाने वाला बनना है। भगवान को याद करके पॉजिटिव वाइब्रेशन सबको भेजते रहें।"
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बीके शिवानी के विचारों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। उनका स्पष्ट संदेश था - स्ट्रेस बाहर की वजह से नहीं, बल्कि असुविधाजनक भावनाओं को मन में रखने से होता है। करुणा और दयालुता से ही हम अपने रिश्तों को सुखमय बना सकते हैं।


