उद्योग - अकादमिक सहयोग बढ़ाने हेतु पोलैंड के डूर ग्रुप के प्रतिनिधिमंडल ने किया एमिटी विश्वविद्यालय का भ्रमण

उद्योग - अकादमिक सहयोग बढ़ाने हेतु पोलैंड के डूर ग्रुप के  प्रतिनिधिमंडल ने किया एमिटी विश्वविद्यालय का भ्रमण

किसी भी राष्ट्र के विकास हेतु उद्योगों व अकादमिकों के मध्य सहयोग को बढ़ावा देना अत्यंत महत्वपूर्ण है इसी क्रम में आज छात्रों को वैश्विक अनवारण प्रदान करने हेतु 129 वर्ष पुरानी कंपनी पोलैंड के डूर ग्रुप के प्रतिनिधिमंडल ने एमिटी विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में पोलैंड के डूर ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं उपाध्यक्ष श्री आंद्रे श्लोट्टर, जर्मनी के डूर ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं उपाध्यक्ष श्री कोनार्ड वेस्टपाल, जर्मनी के डूर ग्रुप के सूचना प्रौद्योगिकी के निदेशक श्री रॉनी लेगर, डूर आईटी इंडिया आपरेशन के निदेशक श्री प्रियांक कौशिक और मुख्य संयोजक सुश्री काव्या बावेजा शामिल थे। इस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा संजीव बंसल और डा सुनिल खत्री सहित एमिटी टेक्नीकल प्लेसमेंट सेंटर के उप निदेशक डा अंजनी भटनागर द्वारा किया गया।

पोलैंड के डूर ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर एवं उपाध्यक्ष श्री आंद्रे श्लोट्टर ने ऑटोमेशन, स्थिरता और उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों में कंपनी की व्यापक वैश्विक उपस्थिति और नेतृत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उद्योग-अकादमिक साझेदारी के माध्यम से उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभाओं का समर्थन करने के लिए डूर ग्रुप की प्रतिबद्धता रही है इसलिए विभिन्न अकादमिक संस्थानों के साथ आपसी सहयोग को विकसित करने के लिए कार्य करते है। यूरोपीय बाजारों में मजबूत पैठ और भारत और चीन में बढ़ती उपस्थिति के साथ, डूर ग्रुप तकनीकी नवाचार के मामले में सबसे आगे बना हुआ है।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय मे ंहम छात्रों को वैश्विक अनावरण प्रदान करने के लिए अपने पाठयक्रम में एक विदेशी भाषा सीखने के लिए प्रेरित करते है। उद्योग और अकादमिक सहयोग दोनो संस्थानों के लिए लाभ प्रद होता है एक तरह हम उद्योगों की मांग के अनुरूप छात्रो को तैयार करते और छात्रों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते है वही उद्योगों को कुशल कर्मचारी प्राप्त होते है जो नौकरी के प्रथम दिन से परिणाम प्रदान करते है। उन्होनें कहा कि द्योगों व अकादमिकों का सहयोग किसी भी देश के लिए महत्वपूर्ण है। वैश्विक स्तर पर कार्य करने के लिए हमें अन्य देश की संस्कृतीयों और कार्य प्रणाली को समझना आवश्यक है।

जर्मनी के डूर ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं उपाध्यक्ष श्री कोनार्ड वेस्टपाल ने कहा कि डूर विविध उद्योगों में अत्यधिक कुशल विनिर्माण प्रक्रियाओं के लिए उत्पाद, सिस्टम और सेवाएँ प्रदान करता है, जो ऑटोमोबाइल निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ व्यापार पर ध्यान केंद्रित करता है। अन्य खंडों में मशीन निर्माण, साथ ही रासायनिक और दवा उद्योग शामिल हैं।

एमिटी टेक्नीकल प्लेसमेंट सेंटर के उप निदेशक डा अंजनी भटनागर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह भ्रमण एमिटी की वैश्विक पहुंच का विस्तार करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में एक और मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने एमिटी विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय, एमिटी इनोवेशन इंक्यूबेटर, एमिटी सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एमिटी ड्रोन सेंटर सहित एमिटी की प्रयोगशालाओं का दौरा किया।