गौ आश्रय केंद्र संचालिका समेत दो अन्य पर मुक़दमा दर्ज
गाज़ीपुर कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के परजीपाह पास स्थित बृहद गोवंश आश्रय केंद्र के संचालिका सहित कुल दो लोगों पर पशुओं की अधिक संख्या दिखाकर सरकारी धन का दुर्पयोग के साथ सरकार को आर्थिक रूप से क्षति पहुंचाने के आरोप में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर द्वारा प्राथमिक की दर्ज कराई गई है। शनिवार की रात पुलिस मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर के तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कर लिया है ।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर शिवकुमार ने प्रभारी निरीक्षक कासिमाबाद को तहरीर देकर अवगत कराया है कि बृहद गौ संरक्षण केंद्र परजीपाह विकास खंड कासिमाबाद का स्थलीय निरीक्षण नवीन श्रीवास्तव डिप्टी कलेक्टर गाज़ीपुर की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति द्वारा 6 अक्टूबर को किया गया। जांच में गौ संरक्षण केंद्र का संचालन स्वर्गीय सुदेश्वरी देवी मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी पराजीपार द्वारा किया जा रहा है ।जिसकी सचालिका मीनू श्रीवास्तव हैं ।जांच के समय संचालिका मीनू श्रीवास्तव और उनके पति मनोज श्रीवास्तव गौ सेवक पशु चिकित्सा अधिकारी कासिमाबाद अमित कुमार सिंह ,ग्राम विकास अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी भीमराव प्रसाद के साथ कुछ ग्राम वासी उपस्थित थे ।प्रयुक्त सभी व्यक्तियों की उपस्थिति में समिति द्वारा केंद्र पर रखी गई पंजीकाओ का निरीक्षण किया गया । इस निरीक्षण में लाक बुक पंजिका में विभिन्न तिथियां में गौ संरक्षण केंद्र पर संरक्षित की पशुओं की संख्या अंकित की जाती है ।समिति द्वारा 4 अक्टूबर को लाक बुक में गोवंशों की संख्या 438 अंकित किया गया है जबकि उस अंकन के सापेक्ष समिति द्वारा मौजूद गोवंशों की गिनती कराई गई जिसमें पाया गया कि लाक बुक में अंकित 438 के गौवंशो के सापेक्ष वास्तविक रूप में मात्र 245 गोवंश मौजूद मिले। उक्त संबंधित सभी अधिकारियों कर्मचारियों एवं ग्रामीणों से पूछताछ की गई तो उनका स्पष्ट उत्तर गौ संरक्षण केंद्र की संचालिका एवं उनके पति मनोज श्रीवास्तव द्वारा नहीं दिया गया। समिति ने यह पाया कि प्रत्येक दिवस लाक बुक में उक्त गोवंशों की संख्या दर्ज किया जा रहा है ।फर्जी इंद्राज एवं कूट रचना करते हुए फर्जी संख्या के सापेक्ष शासकीय धन राशि का बेईमानी पूर्वक दुरुपयोग किए जाने के साथ आर्थिक रूप से सरकारी धन का क्षति पहुंचाया जा रहा है ।उक्त संचालिका का यह कृत्य अपराधी कृति के श्रेणी में आता है। इस तहरीर पर पुलिस गौ संरक्षण केंद्र के संचालिका मीनू श्रीवास्तव और उनके पति मनोज श्रीवास्तव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है । इस संबंध में कासिमाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है । वही मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच कमेटी द्वारा गौ संरक्षण केंद्र पर लगाए गए आरोपों के बारे में संचालिका मीनू श्रीवास्तव के पति मनोज श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जितने पशुओं की संख्या कम है वह पिछले दिनों आए तूफान में गेट टूटने के कारण बाहर निकल गए हैं जिसे ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है ।वहीं जुलाई माह से सभी पशुओं का भुगतान रुका हुआ।


