एकल अभियान ने एक लाख गांवों में साक्षरता एवं स्वाबलंबन की अलख जगाकर किया अविस्मरणीय कार्य - चन्द्रेश सोना
नोएडा। विगत दिवस दिल्ली एनसीआर नोएडा सेक्टर - 6 स्थित एंटरप्रेन्योरशिप एसोसिएशन आडिटोरियम में राष्ट्रीय गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित एकल अभियान, एकल ग्राम संगठन द्वारा "एकल को जानो" कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें नोएडा निवासी समाजसेवी,बुद्धजीवी वर्ग सहित दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आये महानुभावों की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट एवं पूर्व निदेशक प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार चन्द्रेश सोना एवं दा रामायण स्कूल के संस्थापक तथा प्रख्यात लेखक व चिंतक श्री शांतनु गुप्ता जी उपस्थित रहे जिन्होंने "साक्षरता से स्वाबलंबन का अनोखा सफर " विषय पर अपने सारगर्भित व्याख्यान के माध्यम से एकल अभियान के पंचमुखी कार्यों को सरल एवं सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया , श्री चन्द्रेश सोना ने एकल अभियान के साथ जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि में पिछले दिनों जब जम्मू-कश्मीर के आर एस पुरा /अररिया सेक्टर में पदस्थ था तब सीमावर्ती गांवों में चल रहे एकल विद्यालय के आचार्यों /कार्यकर्ताओं ने सैनिकों का जिस प्रकार से सहयोग किया वो बहुत प्रेरणादायक है और इससे एकल अभियान की देशप्रेम की भावना को समझा जा सकता है।

वहीं चन्द्रेश सोना ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे एकल अभियान के विभिन्न आयामों के कार्यों का आंखो देखा वर्णन करते हुए बताया कि चाहे एकल विद्यालय में दी जाने वाली प्राथमिक शिक्षा हो, आरोग्य संबंधित घरेलू इलाज से लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल हो , गौपालन एवं पोषण वाटिका से जैविक खेती के उपक्रम हों ,ग्राम समितियों की भागीदारी हो, स्वाबलंबन,स्वाभिमान व सांस्कृतिक संरक्षण एवं राष्ट्रजागरण का भाव हो या समग्र ग्राम विकास की परिकल्पना अनुसार ग्रामोत्थान संसाधन केन्द्रों के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव बनाने के सार्थक प्रयास हों , महिला सशक्तिकरण व युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण देना हो, इन सभी क्षेत्रों में एकल अभियान अनुकरणीय कार्य कर रहा है जिसकी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने भी समय समय पर प्रसंशा की है।

एकल को जानो विषयक इस कार्यक्रम में शांतनु गुप्ता ने रामायण की वैज्ञानिकता एवं शोध पर अपने सारगर्भित प्रामाणिक एवं रोचक तथ्यों को रखते हुए कहा कि बाल्मीकि रामायण में चौबीस हजार श्लोक हैं और एक एक श्लोक के अर्थों में सत्य एवं ज्ञान का महासागर भरा पड़ा है जिसका सभी को अध्ययन करना चाहिए एक अनुमान के रूप में उन्होंने बताया कि प्रतिदिन एक से डेढ़ घंटा यदि आप इस पुनीत कार्य के लिये निकालें तो 6 वर्षों में संपूर्ण रामायण के गहरे तथ्यों को आत्मसात कर पायेंगे । उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने आप को कभी भगवान जैसा प्रस्तुत नहीं किया,उन्होंने एक सामान्य मर्यादित मनुष्य की तरह ही व्यवहार किया और रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाये पर बचन ना जाई।।का सदैव पालन किया।
एकल अभियान के केन्द्रीय सह अभियान प्रमुख खेमानंद सापकोटा ने उपस्थित सभी समाजसेवियों को इस तथ्य से अवगत कराया कि आखिर आज एकल अभियान से जुड़ने की अति आवश्यकता क्यों है ? उन्होंने देश पर चारों ओर से छा रहे संकटों आतंकवाद,अलगाववाद, जातीय वैमनस्य ,विभिन्न प्रकार के जिहाद एवं राष्ट्रको तोड़ने वाली बाह्य अंतर्राष्ट्रीय एवं आंतरिक विघटनकारी शक्तियों के षड्यंत्र को संक्षिप्त में लोगों के समक्ष रखकर आज की परिस्थितियों में राष्ट्रकार्य में लगने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सरस एवं राष्ट्र भक्ति पूर्ण बनाने में एकल सुर ताल की टीम के भाई बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं यहां यह उल्लेखनीय है कि ये सभी एकल संस्कार शिक्षा के कार्यकर्ता हैं एवं देश के विभिन्न वनांचलों से ही आये हैं ।
अंत में एकल अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी राजेश गोयल जी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि आज देश की भयावहता को देखते हुए समाज को राष्ट्र एवं धर्म को बचाने की बहुत आवश्यकता है तथा सभी लोग एकल से कैसे जुड़ें इस विषय पर भी वार्ता की एवं एकल अभियान परिवार व विभिन्न समविचारी संगठनों से आये महानुभावों का परिचय कराया।
इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही। कार्यक्रम संचालन विनोद अग्रवाल ने किया एवं सत्यवीर ने सभी मेहमानों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।


