स्मृति कल्प के माध्यम से याद की गई मालती जोशी

स्मृति कल्प के माध्यम से याद की गई मालती जोशी

पद्मश्री से सम्मानित, मालवा की मीरा के रूप में ख्यात लोकप्रिय कथाकार मालती जोशी की याद में स्मृति कल्प का आयोजन
इंदौर के प्रीतम लाल दुआ सभागार में किया गया । इसमें देश के प्रसिद्ध साहित्यकार और रंगमंच और फ़िल्म की हस्तियों ने भाग लिया। मालती जोशी की कहानियों और कविताओं के पाठ से सज्जित इस कार्यक्रम में लक्ष्मी शंकर बाजपेयी (दिल्ली) , अतुल तिवारी (मुंबई) जैसी हस्तियां शामिल हुई और उन्होंने मालती जोशी की कहानियों का पाठ किया। यह जानकारी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव और भारतीय विरासत संस्थान के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने दी, मालती जोशी के छोटे पुत्र हैं।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मालती जोशी अपनी सहज और पारिवारिक पृष्ठभूमि की कहानियों के लिए जानी जाती थीं। जाने-माने अभिनेता और पटकथा लेखक अतुल तिवारी ने कहा कि मालती जोशी ने महिला कथाकारों के लिए श्रेष्ठतम मानदंड स्थापित किए। वे कहानी कहने की कला की सिद्धहस्त हस्ताक्षर थीं और अपनी कहानियों का धाराप्रवाह पाठ बिना देखे करती थीं। उन्होंने कहा कि मालती जोशी जैसे लोग शताब्दियों में पैदा होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कहानियां फिल्मों के बहुत अनुकूल थीं। प्रसिद्ध गीतकार, लेखक और फिल्मकार गुलज़ार तथा अभिनेत्री व राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने उनकी कहानियों पर टेलीफिल्म का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि मालती जोशी ने रंगमंच पर कहानी की प्रस्तुति का सूत्रपात किया था।

लक्ष्मी शंकर बाजपेयी का मानना है कि मालती जी की कहानियों को युवाओ के बीच प्रस्तुत किया जाना चाहिये, ताकि वे भारतीय परिवार परंपरा  का महत्व समझ सकें। बाजपेयी ने कहा कि यदि वे गीत लिखना जारी रखतीं, तो सर्वश्रेष्ठ समकालीन गीतकारों में शुमार होतीं। बाजपेयी जी ने मालती जोशी की कहानी “ इतिश्री“ का वाचन भी किया। 
मोटिवेशनल स्पीकर मंजूषा राजस जौहरी ने कहा कि मालती जोशी की कहानियां राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रसार  के लिए पढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने मालती जी की कहानी “आखरी शर्त“ का पाठ किया। 

कथाकार अनीता सक्सेना ने मालती जोशी जी के काव्य पक्ष पर चर्चा की। कथाकार ज्योति जैन ने मालती जी के साथ अपने अंतरंग प्रसंगों को साझा किया। मुंबई से आई प्रसिद्ध शिक्षाविद मधुरा फड़के ने मालती जोशी की संवेदनशीलता और आत्मीयता पर बात की।ब्रॉडकास्टर रंजना चितले ने मालती जोशी के जीवन के प्रति दृष्टिकोण का विवेचन किया और मालती जी की कहानी “बोल री कठपुतली“ कहानी का पाठ किया। 

कार्यक्रम के प्रारंभ में मालती जोशी के बड़े पुत्र ऋषिकेश जोशी ने स्वागत वक्तव्य दिया और मालती जी स्मृति में बनाये ट्रस्ट के बारे में जानकारी दी। 

कार्यक्रम का समापन मालती जी के छोटे पुत्र सच्चिदानंद जोशी के वक्तव्य से हुआ। उन्होंने मालती जी रचनाओं के कॉपीराइट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग बिना अनुमति के मालती जोशी की रचनाओं का प्रकाशन कर रहे हैं, जो गलत है। कार्यक्रम का संचालन रिया जोशी ने किया। 
इस आत्मीय कार्यक्रम में साहित्य और सांस्कृतिक जगत की जानी-मानी हस्तियां, जिनमे सूर्यकांत नागर, कलापिनी कोमकली, कल्पना झोकरकर, संतोष मोहंती आदि शामिल हैं, उपस्थित रहे।