नव निर्मित सड़क 2 महीने में धंसी, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल : सोलंकी
नई दिल्ली: शहर के गोयला डेयरी इलाके में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सड़क मात्र दो महीने के भीतर ही धंस गई जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को इस धंसी हुई सड़क के कारण बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
सड़क का निर्माण कार्य लगभग मई मैं पूरा हुआ था, लेकिन भारी बारिश या सामान्य ट्रैफिक के दबाव को सहने में सड़क विफल रही। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और कार्य की गुणवत्ता की सही से निगरानी नहीं की गई। सड़क के धंसने के बाद, कई वाहन फंस गए, जिससे यातायात जाम हो गया और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा सड़क धंसने की घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

कई निवासियों ने बताया कि निर्माण के दौरान ठेकेदारों द्वारा मानकों की अनदेखी की गई थी और अधिकारियों ने निर्माण कार्य की सही से जांच नहीं की। एक स्थानीय निवासी ललित ने कहा, "हमने पहले ही पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है, लेकिन हमारी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। अब सड़क धंसने से हमारी चिंता सही साबित हो गई है। सड़क निर्माण के दौरान विभिन्न प्रकार के रोलरों का उपयोग किया जाता है......जो बिल्कुल नहीं बनाया गया..

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे अस्थायी उपायों से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा* और प्रशासन को सड़कों के निर्माण में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने दिल्ली के उपराज्यपाल एवम दिल्ली सरकार से मांग की है कि जांच कर दोषी को दंडित किया जाय एवम तत्काल सड़क का निर्माण कराया जाय।


