नौएडा सिटीजन फोरम ने की नौएडा प्राधिकरण के सीईओ से मुलाकात, जनहित के अहम मुद्दों की ओर दिलाया ध्यान

नौएडा सिटीजन फोरम ने की नौएडा प्राधिकरण के सीईओ से मुलाकात, जनहित के अहम मुद्दों की ओर दिलाया ध्यान

नौएडा सिटीजन फोरम (NCF) के एक प्रतिनिधिमंडल ने नौएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम. से मुलाकात कर उनका ध्यान जनहित के कुछ अहम मुद्दों की ओर दिलाया।

फोरम ने सीईओ को लिखित रूप से पत्र सौंपे, जिनमें अवगत कराया गया कि नौएडा में भीख मांगने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ गयी है। इनमें छोटे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, स्वस्थ वयस्कों, नवजात बच्चों को गोद में लेकर महिलाओं के साथ ही साथ गर्भवती महिलाओं को भी भीख मांगते देखा जा सकता है जो अमानवीय है। यह अत्यंत दुःखद है कि नौएडा जैसे हाई टेक शहर जिसको की उत्तर प्रदेश का शो विंडो भी कहा जाता है यहां पर अभी तक यह स्थिति बनी हुई है।

फोरम ने सीईओ से कहा है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण कल्याण योजना व अन्य योजनाओं के तहत भीख मांगने वालों को समायोजित किया जाए। इनको रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण इत्यादि दिलवाकर इनका जीवन सुधारा जाए। इस बात की भी जांच की जानी चाहिए कि इनमें अप्रवासी लोग जैसे रोहिंग्या इत्यादि तो नहीं है। यदि ऐसा है तो यह सुरक्षा की दृष्टि से भी ठीक नहीं है।

फोरम ने सीईओ नौएडा प्राधिकरण से मांग की है कि नौएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु सतर्कता अधिकारी नियुक्त किया जाए व सिटीजन चार्टर को भी सही से लागू किया जाना चाहिए। प्रत्येक विभाग के बाहर बड़े आकार के बोर्ड लगाये जाने चाहिए जिसपर सतर्कता अधिकारी का नाम, नंबर एवं सिटीजन चार्टर से संबंधित समस्त जानकारी लिखी होनी चाहिए।

फोरम ने सीईओ को यह भी अवगत कराया कि नौएडा प्राधिकरण में जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की कार्यशैली की समीक्षा की जानी चाहिए व इसको अधिक प्रभावी बनाने के लिए सीईओ नौएडा को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

इसके साथ ही होम्स-121 सोसाइटी में पार्किंग अनियमितताओं को लेकर जांच की मांग की गई है जो कि एजीसी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत घोषणा पत्र (डीड ऑफ डिक्लेरेशन) में देखी गई हैं।
 एजीसी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड  ने केवल 452 खुली पार्किंग की व्यवस्था की है, जबकि उसने लगभग 795 पार्किंग स्लॉट बेच दिए हैं—जो कि नियामक मानदंडों का उल्लंघन है और साझा क्षेत्रों के अनुचित उपयोग को दर्शाता है। इस विसंगति के कारण पार्किंग स्थानों के मानक आकार, हरित क्षेत्रों का आवंटन, और गेस्ट पार्किंग की व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

फोरम ने नोएडा प्राधिकरण से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है कि वह इस घोषणा पत्र (डीड ऑफ डिक्लेरेशन) की गहन जांच करे और AGC Realty Pvt Ltd के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे ताकि नियमों का सही ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

सीईओ नौएडा प्राधिकरण लोकेश एम ने सभी पत्रों को स्वयं स्वीकार करते हुए इनपर यथाशीघ्र कार्यवाही करने का आश्वासन एन.सी.एफ. प्रतिनिधिमंडल को प्रदान किया है।

प्रतिनिधिमंडल में एन.सी. एफ. की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती इंद्राणी मुखर्जी, महासचिव प्रशांत त्यागी, उपाध्यक्ष चक्रधर मिश्रा, सचिव एवं कार्यालय प्रभारी श्रीमती गरिमा त्रिपाठी व प्रोसेनजीत मुखर्जी मौजूद रहे।