प्रसिद्ध नाटककार पद्मश्री डी पी सिन्हा लिखित नाटक 'कथा एक कंस की' का रिहर्सल नोएडा में

प्रसिद्ध नाटककार पद्मश्री डी पी सिन्हा लिखित नाटक 'कथा एक कंस की' का रिहर्सल नोएडा में

 नोएडा सेक्टर 12 स्थित ईशान म्यूजिक कॉलेज में चल रहा है प्रसिद्ध नाटककार पद्मश्री डी पी सिन्हा का लिखित नाटक "कथा एक कंस की" का रिहर्सल, पिछले एक महीने से प्रवीण भारती जी के निर्देशन में कलाकारों की टीम के साथ नाटक की रिहर्सल की जा रही है। कथा एक कंस की नाटक की अवधि 2 घंटे है। यह नाटक दिनांक 06/9/25 को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्ट्डीज NIOS के सेक्टर 62 स्थित ऑडिटोरियम में अपराह्न 6 बजे से किया जाएगा। इसमें एक कंस के चरित्र के विभिन्न आयामों को विभिन्न पात्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।

लेखक ने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि सामान्य व्यक्ति दया, प्रेम, मित्रता आदर का भाव लेकर समाज में बढ़ता है और अनेक सामाजिक दायित्वों के आते-आते राज कुल का अहंकार, अपनी शक्तियों की निरंकुशता का भाव और विश्व के रहने तक अमरत्व के भाव व्यक्ति को निर्दयता और अमानवीय प्रवृत्तियों की ओर अग्रसर कर देता है। ऐसी निरंकुश शक्तियों के होने से व्यक्ति स्वयं को भगवान मान लेता है और  इस प्रकार इस नाटक में कंस स्वयं को भगवान कंस के रूप में प्रचारित करवाता है। कंस के नाम के भजन और पूजन प्रचार की भरपूर अभिव्यक्ति दर्शाई गई है।

नाटक में हिरण्यकश्यपु की कथा को बहुत सुंदर, प्रभावशाली अभिव्यक्ति दी गई है। जिसमें हिरण्यकश्यपु के नरसिंहावतार द्वारा अंत को देख कर कंस भयभीत होता है। देवकी के आठवें पुत्र का वध सुनिश्चित करने के लिए कंस की प्रेयसी स्वाति का पूतना बन प्राण देने का प्रसंग अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति बना।

नाटक में बहुत प्रभावशाली अभिव्यक्ति से कंस में अनेक भाव उत्पन्न होते दर्शाये जाते हैं। एक साधारण व्यक्ति से एक क्रूर राजा बनने तक के सफ़र में केवल कंस नहीं बल्कि उनके इस सफ़र में कैसे उनके आस पास के अनके व्यक्ति भी जीवन के संघर्ष से झूझते हैं।