फेलिक्स हॉस्पिटल में स्टैफिलोकोकल स्कैल्डेड स्किन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चे का सफल इलाज
सात वर्षीय मास्टर बच्चे को स्किन इंफेक्शन के चलते अस्पताल में किया गया भर्ती
नोएडा। सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने स्टैफिलोकोकल स्कैल्डेड स्किन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चे का सफल इलाज किया है। समय पर इलाज होने से न सिर्फ बच्चे की जान बची है। वहीं समय पर स्वस्थ होकर बच्चा घर पहुंचा है। फेलिक्स अस्पताल के पीडियाट्रिक्स विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि 7 वर्षीय मास्टर खुश त्यागी को गंभीर त्वचा रोग के चलते भर्ती कराया गया था। बच्चा तेज बुखार और शरीर पर फफोले एवं लाल चकत्तों की शिकायत के साथ 23 मई को अस्पताल पहुंचा था। जांच में सामने आया कि उसे स्टैफिलोकोकल स्कैल्डेड स्किन सिंड्रोम व संभावित फिक्स्ड ड्रग इरप्शन की समस्या थी।
बच्चे में को 5 दिन से लगातार तेज बुखार था। छाती और पीठ पर लाल चकत्ते और फफोले थे। त्वचा पर छिलके की तरह परत उतरना और कमजोरी और चिड़चिड़ापन की शिकायत थी। मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद वार्ड में भर्ती किया गया। जहां उस पर लगातार निगरानी रखी गई। मरीज की पूरी जांच की गई। जिसमें खून की जांच (सीबीसी), लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), सी-रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी), टायफाइड टेस्ट और पस कल्चर जैसी जांच शामिल कराई गई।
सभी जांच रिपोर्ट में गंभीर संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। लेकिन त्वचा विशेषज्ञ की सलाह पर उसे स्टैफिलोकोकल स्कैल्डेड स्किन सिंड्रोम या दवा से उत्पन्न त्वचा रोग के आधार पर इलाज दिया गया। उपचार के दौरान बच्चे को इंजेक्शन मोनोसेफ, वैनकोमायसिन, पैंटॉप, ईमेसट, पीसीएम, लाइनजोलीड, टेबलेट वायसोलोन, सिरप एट्रैक्स, टी-बैक्ट और फ्यूडिन-एच क्रीम, सॉफ्टरेन लोशन फ्लूइड्स और अन्य सपोर्टिव दवाएं दी गई। जबकि डॉक्टर ने डिस्चार्ज के समय सिरप ज़िफी-100, लाइनजोलीड, एट्रैक्स, मोंटेयर एलसी किड, टेबलेट लैंज़ोल जूनियर, वायसोलोन, त्वचा पर लगाने के लिए टी-बैक्ट ऑइंटमेंट, फ्यूडिन-एच क्रीम और सॉफ्टरेन लोशन दी गई।
अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज के बाद 30 मई को बच्चे की हालत स्थिर होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टर ने बताया कि मरीज को सही समय पर इलाज मिला। जिससे उसकी हालत जल्दी स्थिर हो गई। इलाज के बाद अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसे घर भेज दिया गया है। डॉक्टर ने पांच दिन बाद ओपीडी में पुनः जांच की सलाह दी है।
लक्षणों को नहीं करें नजरअंदाज:
स्टैफिलोकोकल स्कैल्डेड स्किन सिंड्रोम एक गंभीर त्वचा संक्रमण है, जो स्टाफीलोकोकस ऑरीअस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह संक्रमण आमतौर पर छोटे बच्चों में होता है और त्वचा की ऊपरी परत को प्रभावित करता है। इसमें त्वचा झुलसी हुई प्रतीत होती है और उसमें से छिलके की तरह परतें उतरने लगती हैं। वहीं फिक्स्ड ड्रग इरप्शन एक प्रकार की एलर्जी प्रतिक्रिया होती है जो किसी विशेष दवा के कारण बार-बार एक ही स्थान पर त्वचा पर घाव या चकत्ते के रूप में उभरती है।
बच्चों में किसी भी प्रकार की त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते उचित इलाज से गंभीर संक्रमण को रोका जा सकता है। बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि बच्चों की त्वचा को साफ और सूखा रखें। किसी भी दवा का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। एलर्जी या त्वचा पर प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों को संक्रमित व्यक्तियों से दूर रखें।।खाने-पीने और सफाई का विशेष ध्यान रखें।


