एसडीएम आवास में जाने से क्यों कतराते हैं साहब, शासनादेश का उड़ा रहे हैं धज्जियां

एसडीएम आवास में जाने से क्यों कतराते हैं साहब, शासनादेश का उड़ा रहे हैं धज्जियां

गाज़ीपुर शासन के द्वारा तहसील मुख्यालय पर अधिकारियों को निवास की सुविधा देने के लिए शासकीय आवास तो मुहैया कराए जाते है लेकिन उनका वहां रहने में रुचि नहीं दिखाई देता है जिससे आवासीय कार्यालय सुनसान पड़े रहते हैं।ऐसा ही हाल कासिमाबाद तहसील मुख्यालय पर एसडीएम आवास के लिए बंगला बना है जिसमें अधिकारी निवास करेंगे।यह आवास छह महीने से सुना पड़ा। यहां छह महीने पूर्व एसडीएम वीर बहादुर यादव की आकस्मिक निधन हो गया था । उसके बाद कई एसडीएम ने अपना पदभार संभाला। लेकिन आवास में न रहकर शासन द्वारा बने गेस्ट हाउस में रहना पसंद किया। वर्तमान में हालत यह है कि यह आवास बिना अधिकारी के अछूत बन गया है।एसडीएम राजेश प्रसाद द्वारा पदभार संभालने के बाद उन्होंने रुचि दिखाई तो आवासीय भवन का साफ सफाई एवम रंगाई पुताई कराया गया। लेकिन वर्तमान एसडीएम ने भी निवास नहीं बनाया। वही एसडीएम द्वारा रंगाई पुताई कराने के बाद भी गेस्ट हाउस में रहना ग्रामीणों के बीच एसडीएम आवास अछूत आवास बन कर रह गया है। ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा बना हुआ है कि एसडीएम वीर बहादुर यादव की मौत के बाद किसी अधिकारी ने इस आवासीय भवन में रहना उचित नहीं समझा ।जबकि भारत चांद तक सफर कर लिया है वही आज भी आडंबर के भय में अधिकारी इस आवासीय भवन पर रहने के बजाय गेस्ट हाउस में रहना पसंद कर रहे हैं ।जिसको लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।इस संदर्भ में कासिमाबाद एसडीएम राजेश प्रसाद ने बताया कि आवासीय भवन में निवास के लिए साफ सफाई एवम रंगा पुताई कराया गया है ।इधर प्रमोशन होने से स्थानांतरण को लेकर निवास नहीं हो सका है। जल्द ही निवास किया जाएगा।