अर्बन कंपनी सेवा कर्मियों ने सुरक्षा, निष्पक्षता और कार्य परिस्थितियों को लेकर मांग पत्र प्रस्तुत किया
गुरुग्राम, हरियाणा: आज, अर्बन कंपनी से जुड़े गिग और प्लेटफॉर्म सेवा कर्मियों ने कंपनी के उद्योग विहार, गुरुग्राम स्थित कार्यालय में एक औपचारिक मांग पत्र (Memorandum of Demands) प्रस्तुत किया। इस मांग पत्र में कर्मियों द्वारा सामना की जा रही लंबित समस्याओं को उजागर किया गया है, जिनमें असुरक्षित कार्य परिस्थितियां, मनमाना आईडी ब्लॉकिंग, अनुचित कटौतियां, कम आय, शिकायत निवारण प्रणाली (ग्रिवांस रीड्रेसल) की कमी और महिला सेवा कर्मियों की विशेष आवश्यकताओं और सुरक्षा चिंताओं को पर्याप्त रूप से नहीं माना जाना शामिल है।
यह मांग पत्र शांतिपूर्ण, कानूनी और अच्छे विश्वास में प्रस्तुत किया गया है, और इसमें न्यायपूर्ण वेतन, पारदर्शिता, कार्यस्थल की सुरक्षा और कर्मियों के अधिकारों के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। प्रमुख मांगों में प्रति माह न्यूनतम आय की गारंटी ₹40,000, मनमाने आईडी ब्लॉकिंग की समाप्ति, पीक ऑवर्स और स्लॉट सिस्टम जैसी दंडात्मक नीतियों का उन्मूलन, उचित मानव ग्राहक सहायता (ह्यूमन कस्टमर सपोर्ट) और कर्मियों को “साझेदार (Partners)” के बजाय श्रमिक (Workers) के रूप में मान्यता देना शामिल है।
सीमा सिंह, अध्यक्ष, गिग & प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने कहा: "महिला सेवा कर्मियों को कार्यस्थल पर सुरक्षित महसूस नहीं होता। मासिक धर्म के दौरान वे अक्सर अवकाश नहीं ले पातीं, और जब वे अपनी समस्याएं उठाती हैं तो उनकी बातों की अनदेखी की जाती है। कुछ मामलों में पीड़ितों को ही दोषी माना जाता है। यह स्थिति उनकी सुरक्षा, भलाई और मनोबल पर गंभीर प्रभाव डालती है।"
निर्मल गोराना, संयोजक, नेशनल कैंपेन कमेटी फॉर इरेडिकेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर (NCCEBL) ने कहा:
"आज श्रमिक जबरन श्रम के रूप में काम कर रहे हैं। सरकार द्वारा निर्धारित सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) लक्ष्य 8.7 का उद्देश्य 2030 तक भारत में बंधुआ श्रम को समाप्त करना है। जब तक सरकार सेवा कर्मियों की कार्य परिस्थितियों को नहीं समझती और सुधारात्मक कदम नहीं उठाती, यह लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। इन श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।"
गुंजन, एक सेवा कर्मी ने अपने अनुभव साझा किए: "मेरा आईडी मनमाने तरीके से ब्लॉक कर दिया गया और मुझे प्रभावी रूप से काम से हटा दिया गया। यह मेरे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। हजारों श्रमिकों के साथ यही समस्याएं हो रही हैं, लेकिन किसी भी कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया जा रहा।"
अर्बन कंपनी सेवा कर्मियों द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र (Memorandum of Demands)
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
महिला सेवा कर्मियों को आपातकालीन अवकाश (Emergency Leave) प्रदान किया जाए।
मनमाने आईडी ब्लॉकिंग की प्रणाली समाप्त की जाए।
प्रति माह न्यूनतम आय ₹40,000 की गारंटी दी जाए।
पीक ऑवर्स, स्लॉट सिस्टम और सप्ताहांत घंटे की सीमाएं पूरी तरह समाप्त की जाएं।
ग्राहक रेटिंग्स (Customer Ratings) तुरंत लाइव की जाएं। ग्राहक रेटिंग्स छुपाने की प्रथा बंद की जाए और रेटिंग स्ट्राइक सीमा (Rating Strike Threshold) को 4.0 से नीचे रखा जाए।
ऑटो एडवांस क्रेडिट डिडक्शंस बंद की जाएं और 20% से अधिक कटौतियों पर रोक लगाई जाए।
ग्राहक-प्रेरित रद्दीकरण (Customer-Initiated Cancellations) के लिए सेवा कर्मियों को मुआवजा (Compensation) दिया जाए और ऐसे रद्दीकरण को प्रदर्शन गणना (Performance Calculations) से हटा दिया जाए।
वर्तमान 45-मिनट की एसएलए (SLA) समय सीमा को 1 घंटे 30 मिनट में संशोधित किया जाए।
एआई-बेस्ड कॉल्स (AI-Based Calls) बंद की जाएं और उचित 24×7 मानव ग्राहक सेवा (Human Customer Care Support) उपलब्ध कराई जाए।
बंडल बुकिंग्स (Bundle Bookings) की प्रथा समाप्त की जाए।
सेवा प्रारंभ और समाप्ति की अनिवार्य फोटो अपलोड, POW आवश्यकताएं और प्रोजेक्ट समृद्धि (Project Samriddhi) समाप्त किए जाएं।
फुट, नेक, हेड और शोल्डर सेवाओं के लिए डिस्पोज़ेबल और सेटअप आवश्यकताएं समाप्त की जाएं।
उत्पाद दरें कम की जाएं और अनावश्यक या जबरन उत्पाद जोड़ने की प्रथा बंद की जाए।
कंपनी हब्स (Company Hubs) को पुनर्स्थापित किया जाए और महिला सेवा पार्टनर्स को उनके घर से सात किलोमीटर से अधिक दूरी पर कार्य न दिया जाए।
यूसी सर्विस चार्जेस (UC Service Charges) सेवा पार्टनर्स पर लागू न किए जाएं।
दुर्घटना बीमा नीतियों (Accidental Insurance Policies) में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, जिसमें कवरेज (Coverage), दावे (Claims) और निपटान प्रक्रियाएं (Settlement Procedures) शामिल हों।
श्रमिकों को “साझेदार (Partners)” के रूप में न मानकर वर्कर्स (Workers) के रूप में मान्यता दी जाए।
इस मांग पत्र से यह स्पष्ट होता है कि अर्बन कंपनी प्रबंधन को सेवा कर्मियों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए, उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और निष्पक्षता, गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।


