एमिटी विश्वविद्यालय में 25वें अंर्तराष्ट्रीय बिजनेस क्षितिज ‘‘इनबुश विश्व सम्मेलन 2025 का समापन
एमिटी एक्सीलेंस अवार्ड से उद्यमियों और अकादमिकों को किया सम्मानित
छात्रों, भविष्य के उद्यमियों, व्यापार जगत के दिग्गजों, अकादमिकों आदि को एक मंच पर लाकर व्यापार व अनुसंधान के महत्व पर चर्चा करने हेतु एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल द्वारा ‘‘प्रेरणा, विचार, नवाचार, कार्यान्वयन, सुधार और प्रभाव - यात्रा को आगे बढ़ाना’’ विषय पर त्रिदिवसीय 25वें अंर्तराष्ट्रीय बिजनेस क्षितिज ‘‘इनबुश विश्व सम्मेलन 2025’’ का आयोजन किया गया जिसका आज समापन हो गया। इस समापन समारोह में भारत में माइक्रोसाफ्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ पुनित चंडोक, एमिटी विश्वविद्यालय के चांसलर डा अतुल चौहान, नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एंव एमडी सुरेश नारायणन, रिलांयस इंडस्ट्री लिमिटेड के पेटकेम इंडस्ट्री अफेयर अजय सरदाना, डिक्सॉन टेक्नोलॉजी के सह संस्थापक और एक्जीक्यूटिव चेयरमैन सुनिल वाचानी और एमिटी ग्रुप वाइस चांसलर डा गुरिदंर सिंह ने संबोधित किया। इस अवसर पर उद्यमियों और अकादमिकों को एमिटी एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

भारत में माइक्रोसाफ्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ पुनित चंडोक ने कहा कि विश्वास योग्यता से पहले आता है, और यह आपका स्वंय पर विश्वास ही है जो आपको अपने सपनों को प्राप्त करने में मदद करेगा। योग्यता सीखने से आती है, और आपको अपना खुद का पोर्टफोलियो बनाना चाहिए और कभी भी भ्रम के जाल में नहीं फंसना चाहिए। रिश्ते दुनिया को चलाते हैं, और छात्रों को भरोसेमंद और मजबूत रिश्ते बनाने चाहिए जो उन्हें उनके करियर की प्रगति में मदद करेंगे। सीखने के लिए कठोर बौद्धिक ईमानदारी की आवश्यकता होती है, और किसी को भी सीखने से कभी नहीं कतराना चाहिए।
एमिटी विश्वविद्यालय के चांसलर डा अतुल चौहान ने कहा कि युवाओं के लिए यह सबसे अच्छा समय है क्योंकि वे एक ऐसे समय के साक्षी बन रहे हैं जब भारत विकसित भारत के मिशन को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। नीदरलैंड और उज्बेकिस्तान जैसे देशों ने अपने देश में अपने परिसर खोलने के लिए एमिटी को चुना क्योंकि उन्हें मूल्य प्रणाली और शिक्षा की उच्च गुणवत्ता पर दृढ़ विश्वास था जो एमिटी एजुकेशन ग्रुप की पहचान रही है। छात्रों को सबसे पसंदीदा नेतृत्वकर्ता बनने के बजाय सबसे भरोसेमंद नेतृत्वकर्ता बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए। भारत जल्द ही एआई का पावरहाउस बन जाएगा और एमिटी देश का पहला विश्वविद्यालय है जहाँ सभी क्षेत्रों के छात्र अपने पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में एआई सीख रहे हैं।
नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एंव एमडी श्री सुरेश नारायणन ने कहा कि जीवन में विवेक, प्रतिबद्धता, क्षमता, साहस, समन्वय और अभिसरण का पालन करना बेहद ज़रूरी है ।आपका विवेक साफ़ होना चाहिए और खुद के प्रति सच्चा होना चाहिए। अपने काम और रिश्तों के प्रति प्रतिबद्धता बहुत ज़रूरी है। सक्षम बनें और अपने लिए खड़े होने और सच बोलने का साहस रखें। इसके अलावा, सभी के साथ समन्वय और विनम्र होना जीवन में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। आपको सभी के साथ मिलकर काम करना चाहिए, किसी से ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए और उद्देश्यपूर्ण महत्वाकांक्षा रखनी चाहिए।
रिलांयस इंडस्ट्री लिमिटेड के पेटकेम इंडस्ट्री अफेयर अजय सरदाना ने कहा कि किसी को लचीला होना चाहिए और अपने करियर में किसी भी भूमिका के लिए खुद को ढाल लेना चाहिए। छात्रों को रुझानों का अवलोकन करना चाहिए और अनुकूलन क्षमता विकसित करनी चाहिए। आज, लगभग सभी उद्योगों में स्थिरता मुख्य फोकस क्षेत्र है। रिसाइक्लिंग द्वारा बनाए गए संधारणीय उत्पाद बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं, जो समय की मांग है
इस अवसर पर माइक्रोसाफ्ट के अध्यक्ष एवं सीईओ पुनित चंडोक, नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एंव एमडी श्री सुरेश नारायण को एमिटी ग्लोबल लीडरशिपएक्सलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पीवीआर आईएनओएक्स लिमिटेड के एमडी श्री अजय बिजली को एमिटी कोरपोरेट एक्सलेंस अवार्ड फॉर कल्चरल आइकोनिक लीडरशिप अवार्ड, विकसित भारत परिपेक्ष्य योजना और दृष्टिकोण के निदेशक डा शंशाक शाह को एमिटी लीडरशिप एक्सलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।


