धनतेरस पर देश भर मे 40 हजार करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद - सुशील कुमार जैन

धनतेरस पर देश भर मे 40 हजार करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद - सुशील कुमार जैन

गौतम वुध नगर मे 1500 करोड़ के व्यापार की संभावना, सोने-चांदी में धनतेरस पर  250 सौ करोड़ के व्यापार का अनुमान

27 वर्षो बाद धनतेरस के शुभ योग दो दिन पड़ रहे है। आज व कल दो दिन धनतेरस मनाया जाएगा। व्यापारियों ने भी इसकी तैयारी कर ली है। सोने-चांदी के के आभूषण, वर्तन, आटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कर व्यापार दो दिन सबसे ज्यादा कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के दिल्ली एनसीआर संयोजक श्री सुशील कुमार जैन ने बताया देशभर में सोने और चांदी का कारोबार 15 हजार करोड़ रुपये को पार कर सकता है। ऑटोमोवाल सेक्टर करीब 7 हजार करोड़ और बर्तनों के क्षेत्र में में करीब ढाई हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। इसके अलावा अन्य कई सामान कंप्यूटर स्टेशनरी, बहीखाते, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि को मिलकर धनतेरस के अवसर पर हिन्दुस्तान में 40 हजार करोड़ रुपये से ऊपर व्यवसाय होने के शुभ संकेत मिल रहे।

सुशील कुमार जैन ने कहा कि धनतेरस से दीपावली के त्योहार की औपचारिक शुरुआत हो जाती है। व्यापारियों के लिए धनतेरस सबसे  का बड़ा दिन होता है इस दिन सबसे ज़्यादा व्यापार होता है । 

सुशील कुमार जैन ने कहा कि धनतेरस के दिन  सिद्धि विनायक गणेश जी, धन की देवी श्री महालक्ष्मी और कुबेर की पूजा होती है। सोने-चांदी के जेवर, बर्तन, रसोई का सामान, बाहन, कपड़े, रेडिमेड गारमेंट्स बिजली का सामान, मोबाइल बहीखाते आदि खास तौर पर खरीदे जाते हैं।

दीपावली के अवसर आभूषणी के साथ सोने-चांदी के सिक्के.  लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं भी खूब बिकती हैं । चाँदी के लक्ष्मी-गणेश लोग गिफ्ट करते हैं। कोविड के दो साल बाद मार्केट में अच्छा उछाल देखा जा रहा है। सोने और चांदी के भाव भी पहले के मुकाबले कम है।

"कैट के दिल्ली एनसीआर संयोजक  एवं सेक्टर १८ मार्केट एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार जैन ने कहा नोएडा  मे भी 1500 करोड के व्यापार की संभावना है । जिसमे सोने-चांदी में 250सौ करोड़ तक का व्यापार संभव है । इलेक्ट्रॉनिक  उत्पाद, एपलिऐनस्स , बिजली के उपकरण, मोबाइल्स , फ्रिज वासिँग मशीन  कम्प्यूटर, मिठाई आदि का सात सौ करोड़ , ऑटोमोबाइल सेक्टर सौ करोड़ और बर्तनों के क्षेत्र में  पचास करोड़ के व्यापार का अनुमान है । हाथ से बने सामान, मिट्टी के दिये आदि , स्टेशनरी, सजावट का सामान  आदि पचास  करोड़, फ़र्नीचर, मैट्रेस, पर्दे, बैड शीट आदि का 150 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है ।