कश्मीर में भी आगाज हुआ अणुव्रत अमृत महोत्सव का

कश्मीर में भी आगाज हुआ अणुव्रत अमृत महोत्सव का

नशामुक्त कश्मीर में अणुविभा निभाये महत्वपूर्ण भूमिका

स्वतन्त्र भारत के महान समाज सुधारक आचार्य श्री तुलसी ने  इन्सानी कौम की बेहतरी के लिए अणुव्रत को छोटे -छोटे 11 नियमों  में ढालकर 1 मार्च 1949 को अणुव्रत आंदोलन का आगाज करते हुए शंखनाद किया। वर्तमान अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण अणुव्रत के 75 वें स्थापना दिवस अणुव्रत अमृत महोत्सव शुभारम्भ समारोह के शुभ पावन अवसर पर अणुव्रत यात्रा की उद्धोषणा कर के पुरे विश्व के लिए संयम व सौहार्द का संदेश दिया।अणुव्रत पर्यवेक्षक मुनि मनन कुमार जी ने  कहा कि अणुव्रत के नियम बिना किली जाति भेद के मानव मात्र के लिए कल्याणकारी है।

अणुव्रत विश्व भारती के अध्यक्ष अविनाश नाहर व महामन्त्री श्री भीखम सुराणा के नेतृत्व में, अणुव्रत अमृत महोत्सव के संयोजक संचय जैन व शुभारम्भ समारोह की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ. कुसुम लुनिया के दिशादर्शन में अणुविभा टीम व स्थानीय समितियों ,मंचो व संयोजकों के सहयोग से नेपाल समेत पुरे भारत में सैंकडो अणुव्रत अमृत रैलियों  व प्रेस वार्ताओं के सफल सार्थक आयोजन द्वारा स्वर्णिम इतिहास का सृजन हुआ।

कश्मीर में अणुव्रत का उदघोष गुंजा हुमन डेवलपमेन्ट सोसायटी कामनगेरपोरा के चेयरमेन जनाब शबीर हुसैन खान की अगुआई में।श्रीनगर में मूतरजील हुसैन खान, बशीर इरफान, मुसतक अहमद भट्ट, मूंजीमन, अंजुम, अलेह भट्ट व मुहम्मद रफीक मुनसी के साथ नई पहल हुई।

उर्दू में लिखी अणुव्रत आचार संहिता के प्लेकार्डस सोशल मीडिया में खूब चले। अंग्रेजी के पोस्टर बैनर व तख्तियों के साथ अणुव्रत के मेसेज को बहुत पंसद किया।इस अवसर पर**ब्लडमेन ऑफ कश्मीर  शबीर हुसैन खान ने कहा कि अणुव्रत के ये 11 अल्फाज अमन चैन का पैगाम है।
ईशांअल्ला “ अणुविभा“ के साथ जुड़ने तथा अणुव्रत के इन नियमों से  “हमारा नशामुक्त कश्मीर  “ मिशन तेजी से आगे बढ़ेगा।