डीपीएस के अभिभावकों में फीस वृद्धि को लेकर रोष
स्कूल प्रबंधन से मिला अभिभावकों का प्रतिनिधि मंडल।
शनिवार 5 अप्रैल को डीपीएस नोएडा सेक्टर 122 नोएडा में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक, जो खुद को डीपीएस 122 पैरेंट्स कलेक्टिव कहते हैं, फीस वृद्धि के मामले पर स्कूल प्रिंसिपल से चर्चा करने के लिए एकत्र हुए। कई तरह की चिंताएं और मुद्दे थे, जिनके बारे में अभिभावक व्यक्तिगत रूप से स्कूल प्रशासन से जवाब पाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमेशा अनसुना कर दिया गया और इनकार कर दिया गया। लेकिन 3 अप्रैल को ही एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया और कुछ ही घंटों में 700 से अधिक सदस्य इसमें शामिल हो गए, जिन्होंने फीस वृद्धि के मुद्दे को निराधार माना और विभिन्न आम चिंताओं पर भी चर्चा की। अभिभावकों का एक प्रतिनिधि मंडल फीस वृद्धि के औचित्य को जानने के लिए प्रश्नों की एक मुद्रित शीट के साथ प्रिंसिपल से मिलने का फैसला किया ताकि संबंधित मुद्दों के जवाब मांगे जा सकें।

जबकि प्रिंसिपल ने अभिभावकों से मिलने से इनकार कर दिया, परन्तु स्कूल प्रबंधन और अभिभावक प्रतिनिधि के बीच बातचीत हुई। प्रिंसिपल से मीटिंग करने करने का अनुरोध किया गया। एक अभिभावक ने कहा, "हर साल हम डीपीएस 122 में बिना किसी महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण या उचित सूचना के 10% शुल्क वृद्धि देख रहे हैं, जब उनका बुनियादी ढांचा निर्माणाधीन है, तो शुल्क वृद्धि क्यों आवश्यक है।" "वे हमेशा अभिभावकों को यह कहकर चुप कराते हैं कि 'हम स्मार्ट स्कूल हैं और हमारे कमरे एसी से सुसज्जित हैं' लेकिन उन्हें यह जानना चाहिए कि उनके स्तर के अधिकांश स्कूलों में ये सुविधाएँ होती हैं, हम केवल डीपीएस के नाम का सम्मान करते हैं", दूसरे ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल द्वारा स्कूल के प्रशासन और शिक्षा तथा अन्य गलत व्यवहारों के बारे में बताया गया, जैसे कि अत्यधिक कीमत वाली स्टेशनरी वस्तुएँ, कपड़ों की अत्यधिक कीमत और खराब गुणवत्ता, वर्दी के रंगों में फेरबदल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए खराब प्रबंधन आदि।
अभिभावकों ने दृढ़ निश्चय किया कि यदि उनकी शिकायतों को नहीं सुना जाता है और उनका जवाब नहीं दिया जाता है, तो वे जिला शुल्क नियामक समिति तथा जिला प्रशासन में जाकर अपनी बात रखेंगे


