नेत्रहीन बच्चों की दृष्टि वापिस लाने और मस्तिष्क के वैज्ञानिक विकास को समझने के लिए प्रोजेक्ट प्रकाश सेंटर का हुआ उद्घाटन
नई दिल्ली: भारत के अग्रणी आई-केयर इंस्टीट्यूट, डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल (एससीईएच) और नेशनल आई इंस्टिट्यूट, यू.एस, जो यू.एस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ (एनआईएच), अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग की एजेंसी का एक अभिन्न भाग है, ने अपनी कार्यरत परियोजना, प्रोजेक्ट प्रकाश के लिए एक समर्पित केंद्र का उद्घाटन किया है।
प्रोजेक्ट प्रकाश साल 2005 से भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक सफल सहयोग है, जिसका उद्देश्य इलाज करने योग्य नेत्रहीन बच्चों के जीवन में रोशनी लाना और उन्हें मूलभूत वैज्ञानिक शोध से अवगत कराना है, ताकि वो यह समझ सकें कि मस्तिष्क और दृष्टि का विकास कैसे होता है। डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल दिल्ली में साल 2006 से केयर और विज्ञान के सर्वोच्च मानक सुनिश्चित करते हुए, प्रोजेक्ट प्रकाश के अंतर्गत हर तरह के सर्जिकल उपचार कर रहा है। एससीईएच में शुरू हुआ यह नया केंद्र दोनों संगठनों को शोध आगे बढ़ाने और सामुदायिक जाँच कार्यक्रम लागू करने का स्पेस प्रदान करेगा।

प्रोजेक्ट प्रकाश सेंटर का उद्घाटन लोयस पेस, सहायक सचिव, ग्लोबल अफेयर्स, अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग, ने, डॉ. माइकल चियांग, निदेशक, नेशनल आई इंस्टीट्यूट (एनईआई), की मौजूदगी में किया।
प्रोजेक्ट प्रकाश में 8 से 22 साल के बच्चों और किशोरों में बाइलेटरल जन्मजात मोतियाबिंद का इलाज किया जाता है। मोतियाबिंद निकालने की सर्जरी और इंटर-ऑक्युलर लेंस प्रत्यारोपण द्वारा उनकी दृष्टि की गुणवत्ता और कार्य में काफी सुधार आता है, और उनकी 40 से 60 प्रतिशत दृष्टि वापस आ जाती है। प्रोजेक्ट प्रकाश द्वारा पिछले 18 वर्षों में 62,000 बच्चों की जाँच की गई है, 800 से ज़्यादा बच्चों की सर्जरी की जा चुकी है, और 30 बच्चों को शिक्षा देकर उन्हें व्यवसायिक रूप स्थापित किया जा चुका है।
डॉ. माइकल चियांग, निदेशक, नेशनल आई इंस्टीट्यूट (एनईआई) ने कहा, “प्रोजेक्ट प्रकाश ने मरीजों और उनके परिवारों के जीवन पर महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक प्रभाव डाला है। नेत्रहीनता के शिकार बच्चों के सफल इलाज से उनके लिये अनेक अवसरों के द्वार खुल जाते हैं। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सर्जरी कराने के बाद 49% बच्चों की नेत्रहीनता दूर कर उन्हें लो विज़न दी जा सकी, और 25% बच्चों को कम दृष्टि के उपकरणों की मदद से पूरी दृष्टि मिल सकी। यद्यपि समाज के वंचित और कमजोर वर्ग के कई बच्चों की जाँच और निदान समय पर नहीं हो पाते हैं। हमें इस बात पर गर्व है कि एनईआई और डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल साथ मिलकर अत्याधुनिक शोध को बढ़ावा दे रहे हैं । प्रोजेक्ट प्रकाश द्वारा सर्जरी के लिए फंड उपलब्ध कराया जाता है, और हॉस्पिटल तक परिवहन एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज के खर्च, एवं माता-पिता को अपने बच्चे की देखभाल के लिए हुए रोज़गार में नुक़सान की भरपाई की जाती है।”
डॉ. सुमा गणेश, चेयरपर्सन, पीडियाट्रिक सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस और डायरेक्टर, पीडियाट्रिक ऑफ्थेल्मोलॉजी, एससीईएच, और इंडियन प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर, प्रोजेक्ट प्रकाश ने कहा, “प्रोजेक्ट प्रकाश द्वारा हम बच्चों को अपेक्षाकृत सामान्य जीवन जीने की क्षमता प्रदान कर रहे हैं। जो लोग पहले दूसरों पर आश्रित थे और नेत्रहीन विद्यालयों में पढ़ रहे थे या समाज में नहीं घुलमिल पा रहे थे, वो अब बाहर निकल रहे हैं - उनकी कार्यशील दृष्टि कुछ हद तक वापस आ गई है, और उन्हें शिक्षा, सामाजिक संपर्क, एवं आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में मिल रही सफलता को देखते हुए, सर्जन अब बड़े बच्चों के इलाज की ओर ज़्यादा तत्पर हैं। प्रोजेक्ट प्रकाश में बच्चों को दृष्टि का उपहार देकर ये अवसर प्रदान करने के साथ यह भी जानने की कोशिश की जाती है, कि नेत्र की ये बीमारियाँ क्यों होती हैं।”
लॉयस पेस, सहायक सचिव, ग्लोबल अफेयर्स, अमेरिकी स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (एचएचएस), ने कहा, “प्रोजेक्ट प्रकाश अत्यधिक प्रभावशाली शोध करता है, जिसमें क्लिनिकल और बुनियादी विज्ञान का अध्ययन, दोनों शामिल हैं, साथ ही यह नेत्रहीन बच्चों के लिए सीधी सेवा भी प्रदान करता है। मैं डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल और एनईआई की साझेदारी और भारत में उनके सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें बधाई देती हूँ।”


