रामकथा ही बचपन को बुद्ध यौवन को शुद्ध और वृद्ध को तृप्त करती है - जगतगुरु रामभद्राचार्य

रामकथा ही बचपन को बुद्ध यौवन को शुद्ध और वृद्ध को तृप्त करती है - जगतगुरु रामभद्राचार्य

नोएडा। श्री हनुमान सेवा न्यास और श्री राम राज फाउंडेशन द्वारा जगतगुरु रामभद्राचार्य द्वारा नोएडा स्टेडियम में संचालित श्री रामकथा का तीसरा दिन श्याम 5 बजे से प्रारंभ हुआ। 

अवकाश का दिन होने के नाते पंडाल में अधिक भीड़ दिखाई दी मीडिया प्रभारी अवनीश सिंह ने बताया की छुट्टी के दिन को देखते हुए अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है ताकि श्रद्धालुयों को कोई असुविधा न हो। हमने प्रवेश द्वारों के नाम अयोध्या द्वार और वशिष्ठ द्वार रखा है।

आयोजन समिति से आंचल वोहरा ने बताया कि हमने श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से की है और जितने भी जोन बनाए हैं उन सभी के नाम रामायण से लिए हैं जैसे जटायु वाटिका, लक्ष्मण वाटिका, सबरी वाटिका, तुलसी वाटिका, सुग्रीव वाटिका, भरत वाटिका, अहिल्या वाटिका, जानकी वाटिका आदि। पीने के पानी और पंखों की भी उचित व्यवस्था की गई है।

मंच पर कथा दे पूर्व आज संगीत का कार्यक्रम रखा गया प्रसिद्ध भजन गायिका श्रीमती नलिनी निगम द्वारा भजन के पश्चात जगतगुरु के मंच पर आते ही श्रृद्धालुओ द्वारा जय श्री राम और नमो राघवाय का उदघोष प्रारंभ हो गया ।

जगतगुरु ने कथा को प्रारंभ करते हुए हनुमान चालीसा की चौपाई दोहराते हुए कहा की  भक्ति के लिए भगवान श्री राम से बड़ा आराध्य स्वरूप कोई नहीं जिसको स्वयं शिव पाँच बार प्रणाम करते हैं ।
कथा के दौरान सीता हरण के पश्चात श्री राम की व्याकुलता का वर्णन करते हुए बताया की किस प्रकार राम सीता की तलाश में जंगलों में भटक रहे थे और पशु पक्षियों से पूछ रहे थे हे खग मृग हे मधुकर श्रेणी तुम देखी सीता मृगनयनी ।

श्रीराम कथा का विस्तार करते हुए जगतगुरु ने कहा कि भगवान भक्त के बिना और भक्त भगवान के बिना नहीं रह सकते हैं , और जहां भक्त में मन में भगवान हैं वही भारत है ।

कथा के तीसरे दिन जगतगुरु ने संगीतमय माहौल ने रामचरितमानस की चौपाइयों का व्याख्यान किया, जटायु की व्यथा राम की व्याकुलता का बड़ा मार्मिक वर्णन किया ।

श्रद्धालुओं को राम के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया और मताओं बहनों को सीता माँ के चरित्र का पालन करने का आदेश दिया 
गुरु जी ने कहा की मैं कोई वीआइपी नहीं हूँ मैं राम और राम के भक्तों का सेवक हूँ और यही जीवन की उपलब्धि है 

कथा में विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार , शौर्य चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह , लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने मंच पर गुरु जी आशीष लिया।

कथा के तीन दिन पूरे हो चुके हैं और चौथे दिन भी कथा पूर्व समयानुसार प्रारंभ होगी, आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आने और राम के नाम की महिमा को समझने का अनुरोध किया