आईएमएस-डीआईए में मास्टर क्लास एवं अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला की हुई शुरुआत

आईएमएस-डीआईए में मास्टर क्लास एवं अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला की हुई शुरुआत

नोएडा। आईएमएस-डीआईए में दस दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला एवं मास्टर क्लास आरंभ हुआ। कार्यशाला के दौरान बतौर अतिथि एवं ट्रेनर पेरिस की इंटरनेशनल डिजाइन फैकल्टी प्रो. माया कीस्कगेन्स ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। वहीं कार्यक्रम के दौरान छात्रों को वैश्विक परिवेश में रियल वूल फेल्टिंग एवं अपसाक्लिंग डेनिम के प्रयोग से रूबरू होने का मौका मिला। वहीं कार्यशाला के दौरान आईएमएस-डीआईए की निदेशिका डॉ. अनुराधा मोदक देबनाथ के साथ संस्थान के शिक्षक एवं छात्रों ने भी मौजूदगी दर्ज करायी।

 कार्यशाला की शुरुआत करते हुए डॉ. अनुराधा मोदक देबनाथ ने कहा कि हमें खुशी है कि आज हमारे छात्रों को इंटरनेशनल फैकल्टी प्रो. माया कीस्कगेन्स के साथ रूबरू होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि इस दस दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला एवं मास्टर क्लास से छात्रों को रियल वूल फेल्टिंग और अपसाइक्लिंग डेनिम का प्रयोग कर आभूषण उत्पाद श्रृंखला, घरेलू आंतरिक उत्पाद और फैशन सहायक उपकरण जैसे नए इनोवेटिव उत्पाद को तैयार की पद्धति जानने का मौका मिलेगा।

प्रो. माया कीस्कगेन्स ने कहा कि रियल वूल फेल्टिंग एक प्राचीन तकनीक है जिसमें ऊन को आपस में मिलाकर उसे धागों के साथ नए आकार दिया जाता है। इस प्रक्रिया से हम किसी भी  उत्पादों के नए डिजाइन को तैयार कर सकते हैं। वहीं अपसाइक्लिंग डेनिम इको फ्रेंडली तकनीक है, जिसमें पुराने डेनिम के कपड़ों को पुनः उपयोग कर नए एवं आकर्षक उत्पाद तैयार करते हैं। इस तकनीक को अपनाकर पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ फैशन के न्यू ट्रेंड के अनुरूप उत्पादों का निर्माण किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान डिजाइन की छात्रा प्रियंका ने बताया कि आज के कार्यशाला से हमें वैश्विक परिवेश में नए तकनीक के इस्तेमाल को जानने  का मौका मिला।