ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन ने डॉ. के. अरुणाचलम को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दी मानद उपाधि
ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन द्वारा ऑनलाइन मानद उपाधि सम्मान समारोह आयोजित
नई दिल्ली: ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन (GSF), नई दिल्ली द्वारा एक भव्य एवं गरिमामय ऑनलाइन सम्मान समारोह का आयोजन Zoom प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से सैकड़ों सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति ऑनलाइन जुड़े।
यह सम्मान समारोह संस्था के संस्थापक डायरेक्टर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. परमानंद शुक्ल की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। संस्थापक महोदय ने सभी सम्मानित व्यक्तित्वों को सम्मान प्रदान करते हुए गर्व व्यक्त किया तथा कहा कि “समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले व्यक्तित्व ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होते हैं।” उन्होंने सभी को हार्दिक बधाई देते हुए संस्था की ओर से निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
मानद उपाधि सम्मान (Honorary Doctorate) प्रदान समारोह में निम्नलिखित दो विशिष्ट व्यक्तित्वों को “Certificate of Honorary Doctorate (Ceremonial & Non-Academic Recognition)” से सम्मानित किया गया:
डॉ. (ऑन.) सत्य प्रकाश गुप्ता को मनोविज्ञान, डीएमआईटी (Dermatoglyphics Multiple Intelligence Test), काउंसलिंग एवं मानव क्षमता विकास के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान, प्रेरणादायी नेतृत्व एवं समर्पित सामाजिक सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. (ऑन.) के. अरुणाचलम पुत्र: स्व. श्री एस. कृष्णमूर्ति, निवासी: नोएडा, गौतम बुद्ध नगर) को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवा में मानवीय सहयोग तथा गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में सामुदायिक कल्याण हेतु किए गए व्यापक सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि का संबोधन
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती किरन शर्मा जनरल डायरेक्ट्रेट ऑफ दिल्ली पुलिस एवं आकाशवाणी रेडियो प्रसारण की मुख्य समाचार उद्घोषिका ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में शिक्षा, सेवा और नैतिक नेतृत्व का अत्यंत महत्व है। उन्होंने सम्मानित व्यक्तित्वों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं। उन्होंने ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि “ऐसे मंच समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।”
मुख्य अतिथि महोदया को इस अवसर पर “अंतर्राष्ट्रीय नारी शक्ति सम्मान” से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने इस सम्मान के लिए संस्था का आभार व्यक्त किया तथा महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि का संबोधन
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. हरीश मिश्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा, साहित्य एवं सामाजिक चेतना ही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक उन्नति का आधार है।
उन्होंने सम्मानित व्यक्तित्वों को बधाई देते हुए कहा कि उनका कार्य समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रशंसा की और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की शुभकामनाएँ दीं। उन्हें इस अवसर पर “साहित्य शिरोमणि सम्मान”से अलंकृत किया गया।
अन्य सम्मान
डॉ. शैलेंद्र मिश्र एवं श्रीमती एस. श्रीवाणी को “बेस्ट प्रधानाचार्य सम्मान” प्रदान किया गया।
विधिक स्थिति (Legal Clarification)
प्रदान की गई “Honorary Doctorate” उपाधि पूर्णतः मानद (Honorary) एवं औपचारिक/अनुष्ठानिक (Ceremonial) स्वरूप की है।
यह उपाधि UGC Act, 1956 के अंतर्गत किसी शैक्षणिक, सांविधिक अथवा विश्वविद्यालयीय डिग्री के रूप में मान्य नहीं है तथा इससे किसी प्रकार के शैक्षणिक, चिकित्सकीय या पेशेवर अधिकार अथवा वैधानिक विशेषाधिकार प्राप्त नहीं होते।
यह सम्मान केवल विशिष्ट सामाजिक योगदान की प्रतीकात्मक मान्यता स्वरूप, फाउंडेशन की शासी निकाय के प्रस्ताव द्वारा प्रदान किया गया।
वरिष्ठ सदस्यों की सहभागिता
संस्था के वरिष्ठ सदस्यों में श्रीमती सरोजबाला, श्रीमती राजलक्ष्मी आर, सुनीता चांदना, डॉ. स्मिता, डॉ. सुभाषचंद्रा सहित सैकड़ों सदस्य ऑनलाइन जुड़े रहे।
सभी उपस्थित सदस्य अत्यंत प्रसन्न एवं उत्साहित थे। अनेक सदस्यों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने बधाई संदेश प्रेषित किए और सम्मानित व्यक्तित्वों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सभी ने ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन की सामाजिक, शैक्षणिक एवं मानवीय पहलों की सराहना करते हुए संस्था पर गर्व व्यक्त किया।
संस्था की प्रतिबद्धता
ज्ञानशक्ति सेवा फाउंडेशन शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय, नैतिक नेतृत्व एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन हेतु निरंतर कार्यरत है तथा भविष्य में भी समाज को प्रेरित करने वाले कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।


