दिल्ली में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू : डॉ. पंकज सिंह

दिल्ली में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू : डॉ. पंकज सिंह

 ई-रिक्शा निर्माता, डीलर और चालक अपनी मांगों को लेकर तालकटोरा स्टेडियम में हुए एकत्रित 

नई दिल्ली। ई-रिक्शा न केवल चालकों के रोजगार का मजबूत आधार हैं, बल्कि शहर के अंतिम छोर तक सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाता है। दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने आज तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में अपनी बात प्रमुखता से कही, उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि दिल्ली में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू किया जाएगा। साथ ही, राजधानी के लिए एक समग्र ई-रिक्शा नीति या अलग से विशेष नीति लाने पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। साथ ही उन्होंने श्री राजीव तुली को यह सारा विषय उनके संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद भी किया। 

गौरतलब है की आज ई-रिक्शा निर्माता, डीलर और चालक अपनी मांगों को लेकर राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में एकत्रित हुए। इस सेमिनार में दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों और आम जनता के लिए राहत की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। दिल्ली सरकार और इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन के बीच कई बड़े फैसलों और प्रस्तावों पर सहमति बनी, जो आने वाले समय में लाखों लोगों को सीधा फायदा पहुंच सकता है। 

इलेक्ट्रिक व्हीकल फेडरेशन के चेयरमैन अनूज शर्मा ने कहा की ई-रिक्शा चालकों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग स्थलों के विकास पर सहमति बनी है। इससे न केवल चालकों को राहत मिलेगी, बल्कि यातायात व्यवस्था भी अधिक सुचारु होगी। इसके अलावा, चालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कर्ज और सब्सिडी जैसी योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में किराया संरचना को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें ई-रिक्शा का न्यूनतम किराया 10 से 20 रुपये के बीच रखने का प्रस्ताव सामने आया। साथ ही, चालकों के लिए यूनिफॉर्म लागू करने पर भी जोर दिया गया, जिसे फेडरेशन की ओर से आधी कीमत पर उपलब्ध कराने की योजना है। 

इस अवसर पर कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचि व चांदनी चौक सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने इस सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है और सरकार रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि ई-रिक्शा नीति इस तरह बनाई जाएगी जिससे किसी भी चालक का रोजगार प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि नीति निर्माण से पहले सभी हितधारकों—ड्राइवर, निर्माता, बैटरी और चार्जर कंपनियों—से चर्चा की जाएगी, ताकि संतुलित और प्रभावी नीति लागू की जा सके। इस मौके पर इलेक्ट्रिक व्हीकल मेनुफेक्चुरर्से सोसाइटी के प्रेसिडेंट अश्वनी सहगल, महासचिव राजीव तुली, वाईस प्रेसिडेंट पवन कक्कड़ और नितिन कपूर ने अपनी बात प्रमुखता से रखी।