विरोध का अंदाज,रेलवे महकमा के नाम पर मुंडन संस्कार और भोज का हुआ कार्यक्रम
गाज़ीपुर - गाजीपुर में सैन्य बहुल्य गांव गहमर में कोरोना काल के पूर्व रुकने वाली ट्रेनों के पुन: ठहराव के लिए भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति एवं रेल पुन: ठहराव समिति ने गहमर रेलवे स्टेशन पर चल रहे धरने ने शनिवार की शाम को नया मोड़ ले लिया। पूर्व सैनिकों ने शहीद स्मारक से गहमर रेलवे स्टेशन तक कैंडल मार्च कर रेलवे के अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिनों के अंदर गहमर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के पुन: ठहराव की प्रकिया शुरू नहीं की गई तो हम आमरण अनशन पर बैठते हुए रेल चक्का जाम कर देगें।
धरने के नौवें दिन पूर्व सैनिकों एवं रेल ठहराव समिति के सदस्यों ने रेलवे के खिलाफ मुण्डन करा कर विरोध जताया। मुडंन कराने वालों में सुधीर सिह, भरत सिह, भूटी, उमेंश सिह इत्यादि शामिल रहे। मुडंन संस्कार के बाद रेल महकमे का श्राद्ध कर भोज कराया गया।
गाजीपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि गहमर रेलवे पर चल रहे धरने को सिविल बार एसोसिएशन ने अपना सर्मथन दिया है। इस धरने को तब तक चलाया जायेगा। जब तक रेल अधिकारी गहमर के पूर्व सैनिकों की मांग मान नहीं लेगें। उन्होनें कहा कि गहमर के लोग कोई ऐसी मांग नहीं मांग रहे हैं। जिसे पूरा नहीं किया जा सके। वह तो केवल अपनी वह ट्रेनों को मांग रहे हैं, जो पूर्व में रूकती थी। गहमर में ठहरने वाली 4 ट्रेन हावड़ा अमृतसर बनारस एक्सप्रेस, सियालदह वाराणसी अपर इंडिया एक्सप्रेस एवं दिल्ली हावड़ा जनता एक्सप्रेस एवं सियालदह दिल्ली लाल किला एक्सप्रेस को घाटे का सौदा बता कर रेलवे पहले ही पूरी तरह बंद कर चुका है। ऐसे में बची केवल 8 जोड़ी ट्रेन में भी 3 का ठहराव खत्म कर देना कहा तक न्याय संगत है?
इस दौरान कांग्रेस के बाल्किम सिंह, विमलेश सिंह, पूर्व प्रधान मुरली कुशवाहा, बारा के मुन्ना अंसारी, ओमप्रकाश सिंह, चंदन सिह, नरेश सिंह इत्यादि मौजूद रहे।


