विद्यालय प्रबंध समिति के गठन में फर्जीवाड़ा, हेडमास्टर बना धमकीबाज
गाजीपुर करंडा, हस्ताक्षर करने वाली महिला का फर्जी अंगूठा लगाया गया।वर्षों से एक ही एस एम सी अध्यक्ष।
हेडमास्टर ने दी जान माल की धमकी शीर्षक से खबर छपने के उपरांत खंड शिक्षा अधिकारी श्री राघवेन्द्र प्रताप सिंह आज दोपहर में प्राथमिक विद्यालय बिशुनपुरा,करंडा पहुंचे। विद्यालय पर प्रधानाध्यापक श्री विनोद पांडेय , सहायक अध्यापक कुमार हर्ष व रामेश्वर गिरि उपस्थित थे। चारों शिकायतकर्ताओं राजकुमार भारती ,योगेंद्र यादव, राकेश यादव व हरिकेश यादव को फोन करके बुलाया गया, जिसमें से तीन शिकायतकर्ता जिन्होंने पूर्व में बी एस ए के यहां अपना आधार संलग्न करते हुये शिकायत की थी, प्रधानाध्यापक के दबाव में अपने बयान से पलट गये जबकि चौथे शिकायतकर्ता

हरिकेश यादव मौके पर उपस्थित होकर अपनी शिकायत पर अड़े रहे। शिकायत की जांच के क्रम में , बी ई ओ महोदय उस समय अवाक रह गये जब देखा गया कि विद्यालय प्रबंध समिति का अध्यक्ष एक ही व्यक्ति कई वर्षों से बना हुआ है और उस व्यक्ति के घर का कोई बच्चा भी विद्यालय में नहीं पढ़ता और मनीषा नामक महिला जो कि हस्ताक्षर करती है, रजिस्टर पर उसका अंगूठा लगा हुआ है। यहां आपको बताते चलें कि विद्यालय प्रबंध समिति के गठन में वो लोग सम्मिलित रहते हैं जिनके पाल्य उक्त विद्यालय में पढ़ते हैं। विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में शासन द्वारा विद्यालय के विकास हेतु प्रतिवर्ष विभिन्न मदों में धनराशि प्रेषित की जाती है और वह धनराशि प्रधानाध्यापक व अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से आहरित की जाती है।
एम डी एम रजिस्टर में भी व्हाइटनर लगा हुआ था। हालांकि बच्चों ने एम डी एम बनने की पुष्टि की। शिकायत की जानकारी पूर्व में ही प्रधानाध्यापक को हो जाने पर विद्यालय में पूरी तैयारी कर ली गई थी। नई नई कुर्सियां मंगा ली गई थी और विद्यालय के अभिलेखों पर नया नया कवर भी लगा हुआ था। विद्यालय का नाम भी तत्काल में पेंट करवाया गया था। आज एम डी एम में मीनू के अनुसार तहरी भी बनी थी।शौचालय में पानी कि कोई व्यवस्था नहीं थी और प्रधानाध्यापक द्वारा बताया गया कि जल्द व्यवस्था की जायेगा। गांव के दर्जनों लोग जमुना यादव,विरेंद्र यादव,महेंद्र कुमार,विकास ,अरविंद ,विनोद ,राजेश मिश्रा,नारद,शिवम् ,आशीष,सिपाही यादव,राहुल यादव आदि मौके पर मौजूद थे।
अब देखना है बी ई ओ महोदय क्या रिपोर्ट भेजते हैं। फिलहाल शिकायत के क्रम में विद्यालय प्रबंध समिति का फर्जी गठन एक गंभीर मामला है।
शिकायतकर्ता हरिकेश यादव बी ई ओ की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि बी ई ओ द्वारा पूर्व में ही प्रधानाध्यापक को एलर्ट कर दिया गया था और वह गांव में रात में घूम-घूमकर अन्य शिकायतकर्ताओं से सादे पेपर पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवा लिये। बी एस ए से मिली जांच दिनांक 23-03-2023 का पत्र मिले बी ई ओ को लगभग एक सप्ताह हो चुके थे जिसकी जानकारी प्रधानाध्यापक को हो चुकी थी और वह एक हफ्ते से अपने बचाव की व्यूह रचना करने लगे थे और स्थानीय होने के नाते रात में गांव में घूम-घूमकर शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाते रहे। विद्यालय पर उपस्थित दोनों रसोईयों से एम डी एम के बारे में कोई पूछताछ नहीं की गयी।जब मुझे भी उन्होंने धमकाया और मैंने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक महोदय से कल की और मीडिया में छपा, तब जाकर आज जांच हुयी। वैसे एक मीडिया कर्मी भी इस मैटर में लीपापोती करने की कोशिश कर रहे हैं और प्रधानाध्यापक को अपना रिश्तेदार बताकर मेरे ऊपर शिकायत वापस करने का दबाव बना रहे हैं। जांच अगर निष्पक्ष और गोपनीय होती तो सारा दूध का दूध पानी का पानी हो जाता।
अगर मेरी शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो मैं इस मैटर को लेकर मुख्यमंत्री दरबार भी जाऊंगा।


