यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा ने न्यूरो मरीजों के लिए उठाए बड़े कदम
नोएडा: ग्रेटर नोएडा के ओमेगा-1 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एनसीआर का एक लीडिंग अस्पताल है जहां स्ट्रोक के लिए पहला डेडिकेटेड क्लिनिक शुरू किया गया है. पहले से ही स्ट्रोक से पीड़ित मरीज यहां दिखा सकते हैं. इसके अलावा स्ट्रोक के बाद बेहतर इलाज, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रिहैबिलिटेशन और फिर से बीमारी होने से रोकथाम में इसका लाभ मिलेगा.
इसका उद्देश्य स्ट्रोक के मरीजों की जिंदगी में सुधार लाना और देखभाल करने वालों को ट्रेनिंग देना और सपोर्ट करना है.

इस लॉन्च इवेंट में यथार्थ ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ अमित सिंह, ग्रेटर नोएडा के ओमेगा-1 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में न्यूरोलॉजी के डायरेक्टर व एचओडी डॉक्टर अमित श्रीवास्तव, न्यूरोसर्जरी व न्यूरोइंटरवेंशन के डायरेक्टर व एचओडी डॉक्टर सुमित गोयल समेत हॉस्पिटल के न्यूरो विभाग के सभी डॉक्टर मौजूद रहे.
भारत में स्ट्रोक के मामले काफी ज्यादा सामने आते हैं. यहां स्ट्रोक के मामले करीब 68.6% हैं, स्ट्रोक से होने वाली मौत करीब 70.9% और विकलांगता के साथ जीवन जीने वाले लोगों का प्रतिशत 77.7 है नुकसान होता है. यानी स्ट्रोक भारत में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है. भारत में हर साल लगभग 185,000 स्ट्रोक होते हैं, जिसमें हर 40 सेकंड में एक स्ट्रोक और हर 4 मिनट में एक स्ट्रोक पेशेंट की मौत होती है. ये क्लिनिक हर बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेगा.
ग्रेटर नोएडा के ओमेगा-1 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में न्यूरोलॉजी के डायरेक्टर व एचओडी डॉक्टर अमित श्रीवास्तव ने कहा, ''स्ट्रोक के मामले में टाइम बहुत अहम होता है क्योंकि इसमें हर गुजरती मिनट के कारण 20 मिलियन ब्रेन सेल्स का नुकसान होता है और परमानेंट डिसेबिलिटी का खतरा हो जाता है, यहां तक कि मौत भी हो सकती है. हमारी क्विक रिएक्शन 'स्ट्रोक टीम' यह सुनिश्चित करती है कि 'गोल्डन पीरियड' यानी 4.5 से 24 घंटे के अंदर आने वाले सभी स्ट्रोक मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए और उनकी जान बचाई जाए.
वहीं, ग्रेटर नोएडा के ओमेगा-1 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जरी व न्यूरो इंटरवेंशन के डायरेक्टर व एचओडी डॉक्टर सुमित गोयल ने कहा, स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी होती है जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है. इस क्लिनिक के शुरू होने से स्ट्रोक के मरीजों को काफी लाभ पहुंचेगा. डेडिकेटेड न्यूरो आईसीयू, न्यूरो कैथ लैब और स्पेशलाइज्ड टीम के साथ हम मुश्किल से मुश्किल मामलों में आसानी से इलाज करने के लिए सक्षम हैं. स्ट्रोक के बाद रिकवरी में समय पर इलाज का सबसे अहम रोल होता है.''
मरीजों के प्रति अस्पताल की प्रतिबद्धता के बारे में बात करते हुए यथार्थ ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ अमित सिंह ने कहा, ''यथार्थ में इनोवेटिव तरीके से समय पर इलाज देकर मरीजों के लिए अच्छे रिजल्ट लाने का काम किया जाता है. ये स्ट्रोक क्लिनिक अस्पताल में वर्ल्ड क्लास इलाज मुहैया कराने और ग्रेटर नोएडा व आसपास के लोगों के स्ट्रोक के मामलों की केयर करने के हमारे प्रयासों का एक नमूना है.''
इसी मकसद के साथ अस्पताल ने सही रेट पर 'स्ट्रोक रोकथाम पैकेज' तैयार की है. इसमें ऐसे रिस्क फैक्टर को देखा जाता है जिनके कारण स्ट्रोक आता है. स्ट्रोक से जुड़े मामलों के लिए यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
मरीज और उनके परिजन स्ट्रोक से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता के लिए (8800797907) पर संपर्क कर सकते हैं। स्ट्रोक क्लिनिक से आगे बढ़ते हुए न्यूरो विभाग जल्द ही लो-बैक दर्द, मिर्गी, सिरदर्द और मूवमेंट डिसऑर्डर समेत अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के लिए भी स्पेशल क्लिनिक शुरू करने जा रहा है.


