बेटी का हाथ पिला करने से पहले ही पिता का उङा प्राण पखेरू
गाजीपुर मरदह।स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दशकों से तैनात गंशी रावत 52 वर्ष का आक्समिक निधन से स्वास्थ्य कर्मी मर्माहत हुए।बेटी के हाथ पीले करने से पहले ही पिता स्वर्ग सिधार गए,दो दिसम्बर को बेटी की आनी थी बारात,29 नवम्बर को पिता का निधन,खुशी वाले घर में पसरा मातम।मालूम हो कि पीएचसी पर वर्षों से स्वीपर पद पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मी गंशी रावत महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे और इलाज भी चल रहा था,इसी दौरान मंगलवार की सुबह को स्वास्थ्य संबंधी कुछ दिक्कत होने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराएं जहां गंभीर स्थिति होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहां पहुंचने पर डाक्टरों ने हृदय गति

रुकने से मृत घोषित कर दिया।यह जानकारी परिजनों को मिलते ही कोलाहल मच गया वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मी में शोक की लहर दौड़ गई।शव के पैतृक आवास पहुंचते ही जहां परिजनों में कोलाहल मच गया हर तरफ से आशुओं की धारा के साथ चित-चित्कार निकलने लगी गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी।सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने अंतिम दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए मृतक आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना किया।सैकड़ों लोगों ने इस दुःख की घड़ी में परिजनों को ढांढस बधाते हुए शोक संवेदना प्रकट किया।परिजनों के रजामंदी पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय के लिए भेजा।मृतक गंशी रावत अपने पीछे पूरा भरा परिवार छोड़ मंगलवार की शाम को पंचतत्व में विलीन हुए।मृतक की नौकरी अभी आठ वर्ष बची हुई थी,मुखाग्नि इनके बड़े पुत्र जितेन्द्र कुमार रावत ने दिया तथा अंतिम दर्शन कर हजारों लोगों ने नम आंखों से श्रद्धा सुमन अर्पित किया।वहीं दूसरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शोक सभा के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों ने दो मिनट का मौन धारण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।शोकसभा में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.अशोक कुमार सिंह,प्रशांत सिंह,पूनम भारती,शैल कुमारी रानी,अतेन्द्र सिंह,सीमा मिश्रा,प्रेमचंद राम,बीके सिंह, आरपी चौधरी,बिन्दु राय,रिजवान अहमद,रियाज सुल्तान, अरविन्द शर्मा,दिनेश यादव सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


