CSC-CSR Conclave 2025 : ग्रामीण सशक्तिकरण की नई दिशा
नई दिल्ली। शहरी-ग्रामीण अंतर को प्रौद्योगिकी के माध्यम से पाटने का एक क्रांतिकारी विचार है सीएससी।" यह बात आज अतुल कुमार तिवारी, सचिव, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने CSC CSR Conclave 2025 के उद्घाटन के दौरान कही। उनके इस वक्तव्य ने सम्मेलन के केंद्रीय विषय को रेखांकित किया-CSR के माध्यम से ग्रामीण सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए स्थिर भविष्य का निर्माण।
अतुल कुमार तिवारी ने CSCs की उस दूरदर्शी भूमिका का भी उल्लेख किया, जो प्रधानमंत्री के ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की सामाजिक पूंजी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने CSC अकादमी की भूमिका की सराहना की, जो ग्रामीण भारत में CSR पहल और कौशल प्रशिक्षण को आगे बढ़ा रही है, विशेष रूप से प्रधानमंत्री विश्वरकर्मा योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से।

इस सम्मेलन का आयोजन CSC अकादमी और इंडियन ESG नेटवर्क द्वारा किया गया था। आज के इस सम्मेलन में सरकार, कॉर्पोरेट और विकास क्षेत्र के नेताओं ने पर्यावरणीय स्थिरता, सामुदायिक विकास और ग्रामीण भारत में परिवर्तनकारी बदलाव में सीएसआर की भूमिका पर चर्चा की।
श्री संजय कुमार राकेश, चेयरमैन और सचिव, CSC Academy, ने अपने मुख्य भाषण में ग्रामीण भारत में CSC के परिवर्तनकारी प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने CSCs को सिर्फ डिजिटल एक्सेस प्वाइंट्स के रूप में नहीं, बल्कि बदलाव के एजेंट्स के रूप में वर्णित किया, जो ग्रामीण समुदायों के लिए काम कर रहे Village Level Entrepreneurs (VLEs) द्वारा संचालित हैं। "CSR महज एक कानूनी आवश्यकता नहीं है, बल्कि समावेशी प्रगति के लिए एक रणनीतिक प्रेरक है।"
CBSE के निदेशक (प्रशिक्षण और कौशल शिक्षा) डॉ. विश्वजीत साहा ने भी CSC Academy के योगदान की सराहना की, खासकर बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने के क्षेत्र में, जैसे कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल।
सम्मेलन में कई विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए, जिसमे CSR, पर्यावरणीय स्थिरता और सामुदायिक विकास के परस्पर संबंधों पर चर्चा की गयी। इस दौरान शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सम्मेलन में शामिल कुछ प्रमुख वक्ताओं में श्री अभिषेक गुप्ता, प्रोग्राम स्पेशलिस्ट, UNICEF, जिन्होंने "पासपोर्ट टू अर्निंग" पहल पर चर्चा की, और श्रीमती परनल वत्स, मैनेजर, सरकारी सहयोग, VISA, जिन्होंने "डिजिटल विलेज" कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। अन्य प्रमुख वक्ताओं में श्रीमती गीतांजली गौर, CSR मैनेजर, Kyndryl, और राजीव मलिक, CEO, Graposs Connect थे, जिन्होंने CSC ओलंपियाड पहल पर प्रकाश डाला।,
सम्मेलन में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं। शिक्षा, कौशल और रोजगार पैनल की अध्यक्षता सुनील दहिया (Wadhwani Foundation) ने की, जिसमें राज कुमार श्रीवास्तव (IFS, कर्नाटका) और पलव तिवारी (UNICEF) जैसे विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। वहीं, महिला और बाल स्वास्थ्य पैनल की अध्यक्षता डॉ. वाशिमा सुभा (E&Y) ने की, जिसमें पुणित देसाई (Welcome Cure) और डॉ. योगेश पटिल (Biosense) जैसे विशेषज्ञ शामिल थे।
सम्मेलन का समापन CSR के माध्यम से ग्रामीण परिवर्तन को बढ़ावा देने के प्रति एक नई प्रतिबद्धता के साथ हुआ, और CSC अकादमी ने डिजिटल समावेशन, कौशल आधारित शिक्षा और सार्वजनिक निजी साझेदारियों के माध्यम से ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के अपने मिशन को फिर से दोहराया। इस सम्मेलन ने सभी क्षेत्रों में सहयोग की महत्ता को रेखांकित किया ताकि सभी के लिए एक स्थिर और समावेशी भविष्य का निर्माण किया जा सके।


