चर्चित सुभाष हत्याकांड में सी0बी0सी0आई0डी ने राजेन्द्र यादव व प्रकाश यादव के खिलाफ लगाया चार्जशीट
*चर्चित सुभाष
गाजीपुर मामला कासिमाबाद कोतवाली, थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर कलां, निवासी सुभाष यादव की 08 जूलाई 2018 की रात को बदमाशो द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी श्रीमती रीता देवी ने गांव के राजेन्द्र यादव, प्रकाश यादव व दो अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। तत्कालीन कासिमाबाद कोतवाल श्री संतोष सिंह ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करने ही वाले थे कि विवेचना श्री बलवान सिंह को स्थानान्तरण कर दी गई थी। श्री बलवान सिंह अभियुक्तों के प्रभाव में आकर 90 दिन में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल नहीं किए। इससे अभियुक्तों को जिला न्यायालय से जमानत मिल गई। पूर्व विवेचक श्री बलवान सिंह द्वारा बिना कोई ठोस साक्ष्य पूर्व के अभियुक्तगण राजेन्द्र यादव व प्रकाश यादव को बरी करते हुए सुभाष के बडे भाई व हत्याकान्ड के चश्मदीद गवाह श्री लल्लन यादव को सिर्फ एक्स्ट्रा जूडिसिएल कनफेसन के आधार पर ही अभियुक्त बना दिया था ।
इससे आहत होकर लल्लन ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाए। इस पर उच्च न्यायालय ने विवेचक श्री बलवान सिंह के इस कृत पर गंभीर होकर सख्त टिप्पणी करते हुए केस डायरी के साथ व्यक्तिगत रुप से न्यायालय में हाजिर होने का आदेश दिया था। इसी क्रम में कासिमाबाद तत्कालीन कोतवाल श्री बलवान सिंह से इस कृत्य से क्षुब्ध होकर रीता देवी ने सीओ, एसपी, आईजी, एडीजी, डीजी, को प्रार्थना पत्र दिया परन्तु पुलिस विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया।
तब रीता देवी ने माननीय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली का दरवाजा खटखटाया आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्याकांड की विवेचना सी0बी0सी0आई0डी0 से कराने का फैसला लिया और उप सचिव गृह अनुभाग 1 उ0प्र0 शासन लखनऊ को पत्र भेजा जिसपर शासन ने विवेचना सी0बी0सी0आई0डी सेक्टर वाराणसी से विवेचना कराने का आदेश दिया।
विवेचक श्रीमती सती सिंह चौहान के द्वारा दिनांक 21.09.2020 से विवेचना शुरु की श्रीमती चौहान लगभग एक वर्ष तक विवेचना निष्पक्ष रुप से की जिनका स्थानान्तरण लखनऊ होने के फलस्वरुप विवेचक श्री लक्ष्मण मिश्र ने विवेचना को अन्तिम रुप देते हुए माननीय न्यायालय गाजीपुर में नामजद अभियुक्त राजेन्द्र यादव व प्रकाश यादव के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर दिया है। चार्जशीट पर सी0जे0एम0 गाजीपुर ने संज्ञान ले लिया है और दोनों अभियुक्तों के खिलाफ सम्मन करते हुए वारंट जारी कर दिया है।
इधर माननीय आयोग ने पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को निर्देशित किया कि श्री बलवान सिंह के विरुद्ध जांच करते हुए कार्यवाही करने का निर्देश दिया, जिसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के द्वारा किया गया ,उक्त जांच में श्री बलवान सिंह पूर्ण रूप से दोषी पाए गए, जिनके विरूद्ध परिनिंदा दंड से दंडित किया गया है।
इसी क्रम में अभियुक्त गण ने चार्जशीट को हाई कोर्ट इलाहाबाद में स्थगन /क्वैश करने हेतु याचिका दाखिल किया गया, जिसमें मा0 उच्च न्यायालय ने अपने आदेश द्वारा उक्त प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए , गाजीपुर कोर्ट को इस केस की सुनवाई शीघ्रता पूर्वक करने का आदेश पारित कर दिया।
अब दोनों अभियुक्तों को जेल जाना तय हैं।


