एमिटी में विकसित भारत पर आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता ‘वर्बम बेलम 4.0’ का समापन

एमिटी में विकसित भारत पर आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता ‘वर्बम बेलम 4.0’ का समापन

नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी लॉ स्कूल द्वारा ‘‘विकसित भारत’’ विषय पर दो दिवसीय अंतर विश्वविद्यालय वाद विवाद प्रतियोगिता ‘‘वर्बम बेलम 4Û0’’ का आयोजन किया गया जिसका आज समापन हो गया। इस प्रतियोगिता का उददेश्य छात्रों को 2047 तक विकसित भारत यानी विकास और वृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने के सर्दंभ में जागरूक करना और उन्हें कक्षाओं से परे हटकर एक समावेशी और स्थायी विश्व बनाने में भारत की भूमिका और योगदान पर विचार विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करना है। इस वाद विवाद प्रतियोगिता के समापन समारोह में आईआईटी दिल्ली के सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड टेक्नोलॉजी के डा विरेंद्र कुमार विजय, एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय ने छात्रों को प्रोत्साहित किया। इस प्रतियोगिता में लगभग 200 प्रतिभागीयों ने हिस्सा लिया।

आईआईटी दिल्ली के सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड टेक्नोलॉजी के डा विरेंद्र कुमार विजय ने कहा कि जब तक ग्रामीण क्षेत्रों का विकास नहीं होगा, तब तक भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता। इसलिए ग्रामीण विकास पर ध्यान देना बहुत जरूरी है और शहरों में उपलब्ध सभी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। छोटे शहरों और गांवों के विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और अन्य जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

इंटरपोल अधिकारी और सीबीआई के डीआईजी श्री किरण शिवकुमार ने कहा कि विकसित भारत 2047 का मिशन केवल सतत विकास और तकनीकी उन्नति के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। युवाओं को यह कल्पना करनी चाहिए कि वे किस तरह का राष्ट्र बनाना चाहते हैं क्योंकि वे ही कल के निर्माता हैं। उन्होंने छात्रों से समुदायों के साथ जुड़ने, यथास्थिति को चुनौती देने और अपनी राय व्यक्त करने का आग्रह किया क्योंकि उनमें बदलाव लाने और भारत को एक बेहतर स्थान बनाने की शक्ति है।

एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय ने कहा कि यह प्रतियोगिता उन छात्रों को एक मंच प्रदान करेगी जो सार्वजनिक नीति और कानून, राजनीति विज्ञान के साथ-साथ भारतीय आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थितियों में रुचि रखते हैं। वाद-विवाद प्रतियोगिता छात्रों को आकर्षित करने और विषय को जीवंत बनाने के लिए एक बेहतरीन उपकरण है। विकसित भारत पर वाद-विवाद प्रतियोगिता छात्रों को आर्थिक और समाजिक नीतियों पर आलोचनात्मक सोच विकसित करने में मदद करेगी और उनके प्रस्तुति कौशल में सुधार करेगी। वाद-विवाद छात्रों को अपने साथियों के विचारों और दृष्टिकोणों के विरुद्ध अपने विचारों और दृष्टिकोणों का परीक्षण करने का अवसर देता है।उन्होनें कहा कि छात्रों को अपने लक्ष्यों को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ संरेखित करना चाहिए और राष्ट्र निर्माण मे ंसहायक बनना चाहिए।

इस अवसर पर अतिथियों द्वारा वर्बम बेलम पर आधारित पुरस्कत का विमोचन भी किया गया। समापन समारोह में, एमिटी लॉ स्कूल की निदेशक डा शेफाली रायजादा और अपर निदेशक डा अरविंद पी भानू भी उपस्थित थे।

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