संस्कृत के प्रसार के लिए रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में देशभर में अभियान चलाएंगे अयोध्या के डॉ. स्वामी भरत दास
संस्कृत का 60 दिवसीय कोर्स भी तैयार, विभिन्न संस्थानों में शिविर लगाकर करेंगे प्रशिक्षित
'रामायण रिसर्च काउंसिल' के ट्रस्टी डॉ. स्वामी भरत दास जी महाराज ने कहा है कि वह संस्कृत भाषा के शिक्षण-प्रशिक्षण के प्रति सनातन परिवार को जागरूक करेंगे और इसके लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएंगे। उदासीन संगत ऋषि आश्रम (रानोपाली, अयोध्या) के श्रीमहंत डॉ. भरत दास जी ने बताया कि काउंसिल के तत्त्वावधान में संस्कृत भाषा को लेकर 60 दिनों का एक कोर्स तैयार किया गया है, जिस पर 60 वीडियोज़ भी प्रोड्यूस किया जाएंगे। उन्होंने बताया कि वीडियोज़ और टेक्स्ट बुक के माध्यम से देश के विभिन्न संस्थानों में शिविर लगाए जाएंगे और देव भाषा की महत्ता और उसे बचाने की आवश्यकता पर जानकारी प्रदान की जाएगी।
रामायण रिसर्च काउंसिल के महासचिव कुमार सुशांत ने कि संस्था प्रति वर्ष संस्कृत भाषा के उत्थान को लेकर कार्य करने वाले महानुभावों को सम्मान देती है और पिछले तीन वर्षों से संस्कृत भाषा में 'रामायण वार्ता' पाक्षिक पत्रिका का प्रकाशन कर रही है, जिसके मुख्य संपादक डॉ. स्वामी भरत दास जी महाराज हैं।
डॉ. भरत दास जी ने कहा कि पटना आईआईटी ‘रामायण वार्ता' की नोडल संस्था है जो तकनीक के माध्यम से देवभाषा को हर सनातन परिवार तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयत्न कर रही है। उन्होंने बताया कि देश के अन्य आईआईटीज को इस कार्य में जोड़ा जाएगा और संस्कृत के उत्थान के लिए वह काउंसिल के तत्त्वावधान में बड़ा अभियान चलाएंगे। उन्होंने संस्कृत के विद्वानों से इस अभियान में जुड़ने और श्रमदान की अपील भी की। डॉ. दास जी ने देवभाषा और सनातन संस्कृति के प्रसार लिए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्रशंसा भी की।


