जीपीडब्ल्यूएस ने की बढी हुई फीस के साथ-साथ स्कूलो द्वारा प्रांगण में महंगी पुस्तकें एवं यूनीफॉर्म की बिक्री पर चर्चा
गौतमबुद्धनगर पेरेंट्स वेल्फेयर सोसाइटी (जीपीडब्ल्यूएस) के पदाधिकारियों ने सेक्टर 122 स्थित एक निजी स्कूल के अभिभावकों के साथ बढ़ती हुई फीस के साथ-साथ स्कूलो द्वारा प्रांगण में महंगी पुस्तकें एवं यूनीफॉर्म की बिक्री पर चर्चा की।
जीपीडब्ल्यूएस संस्थापक मनोज कटारिया ने बताया कि बैठक में महत्त्वपूर्ण मुद्दों जैसे कि स्कूलो द्वारा बिना अभिभावकों को पूर्ण जानकारी के अनुचित फीस बढ़ाना पुस्तकों को बदलना व निजी प्रकाशनो की पुस्तकें लगाना अधिक बिक्री कर मुनाफ़े के लिए यूनीफॉर्म में बदलाव करना और ट्रांसपोर्ट चार्ज में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि, स्विमिंग फीस जबरदस्ती लेना तथा अपनी बात कहने आए अभिभावकों से सीधे तौर पर बात नहीं करना आदि पर चर्चा की गई साथ में यह भी कहा कि 11 अप्रैल को जिला शुल्क नियामक समिति द्वारा 66 स्कूलो पर पूरा विवरण को नहीं देने पर एक एक लाख रुपये का आर्थिक दंड का नोटिस जारी करना इस बात का प्रमाण है कि अधिकांश स्कूल अभिभावकों के प्रति तानाशाहपूर्ण रवैय्या अपनाते हैं वे अभिभावकों की बात छोड़िए शासन प्रशासन तक के आदेशों की धज्जियां उड़ाते है। लेकिन जिन 66 स्कूलो की लिस्ट में नाम है वे अधिकांश छोटे स्कूल है बड़े स्कूलो का नाम नहीं है जिससे जीपीडब्ल्यूएस को अधिकारियों को बड़े स्कूलो का पक्ष लेने का अंदेशा है। समिति भी अपनी कारवाई रहस्यमय तरीके से करती है आजतक अभिभावक समिति के कार्य से अनभिज्ञ हैं।
बैठक में संस्थापक मनोज कटारिया के साथ संस्था के अध्यक्ष कपिल शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष विजय श्रीवास्तव, मोना मेहरा, सुधांशु सिंह, गौरव असाति, हिमांशु विज, दीपक ग्रोवर आदि तथा प्रसिद्ध यू-ट्यूबर श्री हर्षवर्धन त्रिपाठी ने भी बैठक में शिरकत की तथा उन्होंने भी अपने विचार प्रस्तुत किये।


