कासिमाबाद में अक़ीदत के साथ मनाया गया गुलेदर पीर का 167 वा सालाना उर्स

कासिमाबाद में अक़ीदत के साथ मनाया गया गुलेदर पीर का 167 वा सालाना उर्स

गाजीपुर  कासिमाबाद: हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक कासिमाबाद क्षेत्र के बिशुनपुर स्थित शाह गुलाम हैदर साहब रहमतुल्ला अली दरगाह पीर (गुलेदर दादा) के 167 वाँ सलाना उर्स के मौके पर गुरुवार के दिन जियारत के लिए जायरिनो की काफी भीड़ उमड़ी रही । सलाना उर्स पर देश में अमन के लिए दुआ कर मनाया गया।

हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक दरगाह के मजार पर पुरुष महिला बच्चों ने दोपहर में कुरान ख्वानी व जिक्र ए ईलाही के बाद मिलादु न्नबी के बाद गद्दा नसिनो के द्वारा चादर पोसी की गई। जिसमें इलाके तमाम जायरीनों ने शिरकत कि चादर पोशी के बाद दुवा ख्वानी की गई। 

 जिसमें कव्वाली की धुन के बीच मजार पर ले जाया गया जहां गूसुल के पश्चात चादर पोशी की गई ।मजार पर पहुंचकर दुआ मांगने का क्रम सुबह से देर शाम तक बना रहा। उनके जियारत के लिए लोगों की भीड़ का ताता लगा रहा । कई जिले के दूर से आए हुए जायरीन मजार पर पहुंचकर बाबा का जियारत किए।आपको बताते चलें कासिमाबाद चौराहे से मऊ मार्ग के एक किलोमीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप के पास रोड से नजदीक ग्राम सभा बिशुनपुर के पास शाह गुलाम हैदर साहब रहमतुल्ला अलेह पीर की मजार है जबकि ग्रामीण गुलेदर दादा के नाम से याद करते हैं। जहां सप्ताह में 2 दिन गुरुवार और शुक्रवार को जियारत के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ती है। इसमें मुस्लिम से ज्यादा हिंदू धर्मावलंबियों की संख्या होती है बाबा के बारे में तरह तरह की कहानियां प्रचलित हैं। ग्रामीणों के अनुसार मजार पर मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है ।देर शाम तक कव्वाली का कार्यक्रम चलता रहा इस कार्यक्रम स्थल पर हाफिज सेराज अहमद , बम्बू,अशोक कन्नौजिया,सुहेल, सोनू राइनी ,समसाद , इरफान कुरैशी ,अमरजीत गोंड,अजीत, शुभम,सुरेंद्र आदि सैकड़ों ग्रामीण लोंग मौजूद रहे