वेदामृतम् एस्ट्रो-वास्तु एंड तंत्र समिट 2025 में गुरुजी गौतम ऋषि को मिला विशिष्ट सम्मान
जयपुर के ARG AC ऑडिटोरियम में 26 एवं 27 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेद-ज्योतिष विज्ञान शोध संगोष्ठी एवं विद्वत सम्मान समारोह का भव्य आयोजन "श्री वेदामृतम् संस्थानम् जयपुर फाउंडेशन" एवं "इंटरनेशनल एस्ट्रोलॉजी रिसर्च सेंटर, जयपुर" के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
इस वैदिक आध्यात्मिक महाकुंभ में ज्योतिषाचार्य, वास्तु एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ गुरुजी गौतम ऋषि (नोएडा, उत्तर प्रदेश) को मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। मंच से वैदिक परंपरा, तंत्र-वास्तु, एवं हस्तरेखा विज्ञान के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पक्ष पर उनके गूढ़ वक्तव्य को देश-विदेश से आए विद्वानों ने विशेष सराहना दी।
गुरुजी गौतम ऋषि को समारोह में चुन्नी, सम्मान-पत्र एवं वैदिक स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर मंच पर महामंडलेश्वर स्वामी विधायक श्री बालमुकुंदाचार्य जी महाराज (जाबालिपुरम् पीठाधीश्वर, जबलपुर), डॉ. स्वामी बालगोविंदाचार्य जी वेदांती, श्री हरिशंकर दास जी (वेदज्ञ), पूर्व मंत्री माननीय श्री प्रताप सिंह खाचरियावास जी, तथा कामाख्या धाम से पधारी साध्वी जी जैसे पूज्य संत-विद्वानों की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन पं. हिरेंद्र शुक्ला जी (बैतूल) ने किया, जो स्वयं एक ख्याति प्राप्त ज्योतिषाचार्य हैं। स्वागत व सत्कार में पं. दिलीप अवस्थी जी एवं पं. पवन शर्मा जी सहित कई विद्वानों की सक्रिय भूमिका रही।
गुरुजी गौतम ऋषि ने अपने वक्तव्य में कहा कि "वास्तविक विज्ञान वह है जो आत्मा, शरीर, प्रकृति और परमात्मा के समन्वय को समझाए। वैदिक ज्योतिष और वास्तु केवल भाग्य नहीं, बल्कि जीवन की दिशा और धर्म की दशा तय करते हैं।"
इस आयोजन में भारतवर्ष के लगभग हर प्रदेश से प्रसिद्ध ज्योर्तिविद, शोधकर्ता, लेखक व संस्थागत प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जो वैदिक संस्कृति के संरक्षण और वैज्ञानिक शोध को समर्पित हैं।


