एमिटी विश्वविद्यालय में आईईईई एजेंट्स फेस्ट 2025 का आयोजन

एमिटी विश्वविद्यालय में आईईईई एजेंट्स फेस्ट 2025 का आयोजन

छात्रों के अंदर कौशल व नवाचार जैसे गुणों को विकसित करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय स्टूडेंट ब्रांच आईईईई द्वारा राष्ट्रीय प्रतियोगिता ‘‘एजेंट्स फेस्ट 2025’’ का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता के फाइनल मे आज चयनीत बेस्ट 10 टीमों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ एमिटी विश्वविद्यालय के ट्रांसलेशनल रिसर्च एंव एंटरप्रिन्यौरशिप के डीन डा बी के मूर्ती और एमिटी विश्वविद्यालय के डिप्टी डीन डा के एम सोनी द्वारा किया गया।

एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित इस आईईईई एजेंट्स फेस्ट 2025 प्रतियोगिता में चेन्नई के एसआरएम इंस्टीटयूट ऑफ सांइस एंड टेक्नोलॉजी की टीम ‘‘कोडप्रिन्यौरस’’ को प्रथम पुरस्कार (15 हजार का चेक और ट्राफी), विवेकानंद इंस्टीटयूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की टीम ‘‘द फोनिक्स’ को द्वितीय पुरस्कार (10 हजार का चेक और ट्राफी) और विवेकानंद इंस्टीटयूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज - टेक्नीकल कैंपस की टीम ‘‘देवमैकेनिक्स’’ को तृतीय पुरस्कार (05 हजार का चेक और ट्राफी)  प्रदान किया गया। इस प्रतियोगिता में  देश के विभिन्न संस्थानों से कुल 185 टीमों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था जिसमें से चयनीत कुल 82 टीमों ने प्रथम रांउड में अपनी प्रस्तुती दी और द्वितीय राउंड में कुल 20 टीमों का चयन किया गया जिसमे ंसे आज फाइनल राउंड के लिए कुल 10 टीमों ही क्वालिफाइ कर पाई। फाइनल प्रतियोगिता में एसआरएम साइंस एंड टेक्नोलॉजी चेन्नई, विवेकानंद इंस्टीटयूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, जीएलए विश्वविद्यालय, महाराजा सुरजमल इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलज्ञॅजी, मंदसौर विश्वविद्यालय, जी एल बजाज इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, महात्मा गांधी मिशन कालेज ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी आदि शामिल हुए।

एमिटी विश्वविद्यालय के ट्रांसलेशनल रिसर्च एंव एंटरप्रिन्यौरशिप के डीन डा बी के मूर्ती ने छात्रों को ंसबोधित करते हुए कहा कि जिस क्षण आप इस प्रकार की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का प्रयास करते है उसी क्षण विजेता बन जाते है। आपका प्रयास ही आपकी सफलता को दर्शाता है। वर्तमान में केवल अच्छे ग्रेड प्राप्त करना ही नौकरी के लिए प्रर्याप्त नही है बल्कि आपकी सह पाठयक्रम गतिविधियों को भी देखा जाता है। आपको केवल एक ही तकनीक में नही बल्कि कम से कम 3 तकनीक में महारत हासिल करनी चाहिए। किसी भी नई तकनीक के आते ही उसे समझने एवं आत्मसात करने का प्रयास करे। भेंड़चाल को त्याग कर तकनीकी के महत्व व उपयोग को समझे।

एमिटी विश्वविद्यालय के डिप्टी डीन डा के एम सोनी ने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताय,े प्रतिभागियों को तकनीकी कौशल, समस्या-समाधान क्षमताओं और ज्ञान को गहन चुनौतियों के माध्यम से बढ़ाने के लिए सशक्त बनाती है। वास्तविक दुनिया की समस्याओं से निपटने के लिए अभिनव सोच और रचनात्मक समाधानों का निर्माण करती है, इसके अतिरक्त प्रतिभागियों, उद्योग पेशेवरों और विशेषज्ञों के बीच नेटवर्किंग की सुविधा प्रदान करना, सहयोग और संभावित कैरियर के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करती है। आपके द्वारा प्रतियोगिता के फाइनल रांउड में पहुंचना ही आपका जीवन में सफलता को इंगित कर रहा है।

निर्णायक मंडल में एमिटी विश्वविद्यालय की डा शिवानी वर्मा, डा सीमा रावत आदि शामिल थी।