एमिटी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को दिया प्रशिक्षण

एमिटी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को दिया प्रशिक्षण

नोएडा।PNI News। एमिटी विश्वविद्यालय, छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान करने के साथ अपनी समाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन भी करता है इसी क्रम में एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फांउडेशन द्वारा किसान विकास केन्द्र, गाजियाबाद के सहयोग से केवीके गाजियाबाद में किसानों के लिए तृतीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जलवायु स्मार्ट कृषि रणनीतियों का उपयोग करके जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान करने के लिए किसानों की क्षमता का विकास विषय पर जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर गाजियाबाद के किसान विकास केन्द्र के प्रमुख डॉ अनंत कुमार और एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फांउडेशन की महानिदेशक डा नूतन कौशिक ने अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम में दस गांवों के लगभग 70 किसानों ने हिस्सा लिया।

गाजियाबाद के किसान विकास केन्द्र के प्रमुख डॉ अनंत कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकीयों का उपयोग करके किसान अपनी होने वाली आय को दोगुना कर सकते है। इस संर्दभ में किसान विकास केन्द्र की भूमिका और सहायता के संर्दभ में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फांउडेशन की महानिदेशक डा नूतन कौशिक ने संबोधित करते हुए किसानों को भारतीय कृषि में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और इन परिवर्तनो के अनुकूल होने के लिए विभिन्न कृषि पद्धतियों के संर्दभ में जानकारी प्रदान की। उन्होनें कहा कि वर्तमान समय में मृदा और जल जैसे प्राकृतिक संसाधनों को सरंक्षित करना होगा। एमिटी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों की समस्याओ ंको दूर करने के लिए विभिन्न अनुसंधान किये जा रहे है और नई तकनीकी भी विकसित की जा रही है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हम उसकी जानकारी प्रदान करते है।

एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फांउडेशन के प्रधान सलाहकार डा आर एस एंटिल ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से होने वाले पोषक तत्वों की कमी के बारे मे विस्तृत जानकारी दी।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने कृषि संरक्षण, लेजर लेवलिंग, एकीकृत कृषि प्रणाली, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट प्रबंधन, गन्ने के लिए उतक संर्वधन, वर्मीकम्पोस्टिंग, ड्रिप सिंचाई, फसल अवशेष प्रबंधन आदि सहित जलवायु परिवर्तन के शमन के लिए विविधीकरण, संरक्षित खेती और हाइड्रोपोनिक तकनीक आदि पर जानकारी प्रदान की। विदित हो कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एशिया पैसिफिक नेटवर्क फॉर ग्लोबल चेंज रिर्सच (एपीएन) जापान द्वारा प्रायोजित था। इस अवसर पर किसान विकास केन्द्र गाजियाबाद के डा अरविंद कुमार भी मौजूद थे।