जवान का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम
गाजीपुर वाराणसी में सोमवार सुबह पहड़िया मंडी स्थित 95 बटालियन सीआरपीएफ के कैंप में स्कूल वाहन की टक्कर से ड्यूटी पर तैनात जवान की मौत हो गई। तेज रफ्तार स्कूल बस में अचानक ब्रेक फेल हो गया और गेट पर खड़े जवान को रौंदते हुए बस पिलर से टकराकर रुकी। जवान को आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

गाजीपुर जिले के बल्लीपुर बिरनो निवासी वंशराज सिंह (45) 95 बटालियन सीआरपीफ में तैनात थे। कुछ महीने पहले उनका तबादला वाराणसी में हुआ था और परिवार के लोग गाजीपुर शहर स्थित काली धाम कालोनी में आवास में रह रहे थे। जवान वंशराज सिंह की सोमवार सुबह उनकी ड्यूटी गेट पर गार्ड के रूप में लगी थी। बटालियन की स्कूल बस कैंपस के बच्चों को लेकर जा रही थी, बस की रफ्तार भी तेज थी। गेट पर पहुंचते ही बस का ब्रेक फेल हो गया चालक ने ब्रेक लगाने का प्रयास किया लेकिन तब तक बस ने गेट पर तैनात सीआरपीएफ जवान को चपेट में ले लिया।

वंशराज को रौंदते हुए बस पिलर से जा टकराई। जवान बस और पीलर के बीच में ही फंसा रहा। मौके पर मौजूद जवानों ने आनन-फानन बस को धक्का देकर पीछे किया। गंभीर रूप से घायल जवान को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे बिरनो क्षेत्र में मातम का माहौल छा गया सभी लोगों में यह उत्सुकता दिखाई दी कि आखिर यह कैसे हो गया क्योंकि जवान वंशराज सिंह अभी 1 सप्ताह पूर्व ही अपने गांव आए थे और गांव की लोगों के बीच अपना समय भी बिताया था लेकिन इस खबर के बाद गांव के साथ ही पूरे क्षेत्र के लोग मर्माहत थे मृतक वंशराज सिंह के दो पुत्र और एक पुत्री है यह लोग अपने मां के साथ गाजीपुर स्थित निजी आवास पर रहकर पढ़ाई करते थे जवान वंशराज सिंह की ससुराल बिरनो गांव के पूर्व सैनिक मंटू सिंह के यहां था जहां मातम पसरा हुआ था स्थानीय लोगों ने बताया कि वह बहुत ही सज्जन और मिलनसार थे।

घटना के बाद सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान शव लेकर जैसे ही बिरनो गांव के पास पहुंचे भारत माता की जय के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा हजारों की संख्या में नौजवानों ने एक स्वर में वंशराज सिंह अमर रहे जब तक सूरज चांद रहेगा वंशराज सिंह का नाम रहेगा जैसे नारे लगाते हुए जवान के गांव बल्लीपुर पहुंचे। गांव पर परिवार के लोगों का आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा था बड़े भाई भक्तराज सिंह घर पर रहकर खेती किसानी का कार्य करते हैं भाई के शव को देखकर उनके जुबान से कुछ भी नहीं निकल पा रहा था परिवार जनों को समझाते बुझाते हुए क्षेत्रीय सम्मानित लोग भी मौजूद रहे सीआरपीएफ के जवानों के मौजूदगी में अंतिम क्रिया कर्म किया गया जिसमें जवान के बड़े भाई भक्तराज सिंह ने मुखाग्नि दी।


