कारागार में बंद महिलाओं से संबंधित कानून पर कानून समीक्षा-परामर्श कार्यक्रम का हुआ आयोजन

कारागार में बंद महिलाओं से संबंधित कानून पर कानून समीक्षा-परामर्श कार्यक्रम का हुआ आयोजन

एमिटी विश्वविद्यालय में एमिटी लॉ स्कूल के सहयोग से राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा कारागार में बंद महिलाओं से संबंधित कानून पर क्षेत्रीय कानून समीक्षा परामर्श (उत्तरी क्षेत्र) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय महिला आयोग के विधि अधिकारी श्री मनमोहन वर्मा, एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय और एमिटी लॉ स्कूल नोएडा की निदेशक डा शेफाली रायजादा द्वारा किया गया। इसके अंर्तगत कारागार में बंद महिलाओं से संबंधित कानून में संशोधन, अनुपालन पर विभिन्न क्षेत्र जैसे विधिक, समाजिक, एनजीओं, अकादमिक, पुलिस आदि क्षेत्रों में कार्य कर रहे विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गई।

राष्ट्रीय महिला आयोग के विधि अधिकारी श्री मनमोहन वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में ज्युडिसरी, एडोवोकेसी, अकादमिक, ब्यूरोक्रेसी, एनजीओं आदि क्षेत्रों से विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे है। इस कार्यक्रम कानून समीक्षा परामर्श कार्यक्रम का उददेश्य  महिला कैदियों के सामने आने वाली विशिष्ट चुनौतियों का समाधान करना। विशेषज्ञों और हितधारकों को एक साथ लाकर, सम्मेलन नीतिगत सिफारिशें प्रस्तावित करने, जागरूकता बढ़ाने, सहयोग को बढ़ावा देने और महिला कैदियों के अधिकारों और जीवन स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए क्षमता निर्माण करने का प्रयास करना है। यह नई नितियों के निर्माण हेतु सरकार को अनुशंसा प्रदान करने में सहायता प्रदान करेेगा। राष्ट्रीय महिला आयोग, महिलाओं के अधिकारों का प्रतिनिधित्व करता है उनसे जुड़े मुद्दों पर कार्य करता है। सरकार कानूनों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए उनमें संशोधन करती है जिसके लिए हितधारकों के विचारों को जानने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों को आयोजन किया जाता है। जेल में बंद महिलाओं के अधिकारों हेतु आयोजित इस क्षेत्रीय कानून समीक्षा परामर्श (उत्तरी क्षेत्र) कार्यक्रम मंे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जायेगी और इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन कुल 7 क्षेत्रों में किया जायेगा। आज के कार्यक्रम के उपरंात सरकार को अनुशंसा प्रदान की जायेगी जिससे बिल में संसोधन करने में सहायता प्राप्त होगी। इस कार्यक्रम के अंर्तगत चुनौतियों को समझना, विधिक फ्रेमवर्क का विश्लेषण करना, सुधार पर चर्चा की जायेगी जिससे कानून का बेहतर अनुपालन सुश्चित हो।

एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय ने कहा कि एमिटी मे ंहम इस प्रकार के कार्यक्रमों द्वारा छात्रों को विधिक क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों, विशेषज्ञों की राय को जानने और कानून सशोधनो की प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान करते है। एमिटी छात्रों को कक्षा के अलावा प्रयोगिक ज्ञान प्रदान करने में विश्वास रखती है जिससे आज के कानून के छात्र जो कल विभिन्न पदों पर आसीन होकर कार्य करेेगे वे देश के हर वर्ग के लिए कानून व अधिकारो के पालन में सकरात्मक भूमिका निभाये। यह कार्यक्रम सरकारी एजेंसियों, गैर सरकारी संगठनों, कानूनी पेशेवरों और शिक्षाविदों सहित हितधारकों के बीच संवाद और सहयोग के लिए एक मंच तैयार करेगा।

एमिटी लॉ स्कूल नोएडा की निदेशक डा शेफाली रायजादा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि एमिटी लॉ स्कूल सदैव छात्रों को समाज में परिवर्तन लाने और सभी के लिए बेहतर स्थान बनाने के लिए प्रेरित करता है। इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रो ंको नये विचारों और सूचनाओं का भंडार प्रदान करते है। कानून के छात्रों को समाज में आ रही चुनौतियां जिसमें कारागार में बंद महिलाओं के अधिकार के संर्दभ में जानकारी होना आवश्यक है जिससे वे उन समस्याओं निवारण प्राप्त कर सके।

कार्यक्रम का संचालन एमिटी लॉ स्कूल के डा एकता गुप्ता और डा प्रणव तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर तकनीकी सत्र के अंर्तगत महिला केैदियों की स्थिति, महिला कैदियों के अधिकार, महिला कैदियों का पुर्नवास, महिला कैदियों के लिए कानूनी ढांचा आदि पर चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती नीता मदान झाा, इंडिगो एयरलाइन की इनफाइट सिर्विसेस की लीड फ्लाइट मैनेजर सुश्री नेहा नूपूर, तिब्बत पार्लियामेंट के पूर्व डिप्टी स्पीकर आचार्य येशी फुंशुक, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता श्री विजय अवाना आदि ने अपने विचार रखे।